पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • मृत शिशु के बावजूद परिजनों से वसूले रुपए

मृत शिशु के बावजूद परिजनों से वसूले रुपए

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
राजकीयअमृतकौर अस्पताल में प्रसूता के परिजन से रिश्वत वसूलने की लालच में कर्मचारी गुरुवार को इंसानियत भी भुला बैठे। प्रसव के दौरान मृत शिशु के जन्म के बावजूद सात सौ रुपए वसूल लिए गए। उसके बावजूद और रुपए मांगे जाने पर परिजनों ने इनकार कर दिया तो कर्मचारी बदसुलूकी पर उतर आए। परिजनों के हंगामे और मीडिया के पहुंच जाने के बाद कर्मचारियों को रुपए लौटाने पड़े। जानकारी के अनुसार सराधना रीको एरिया में मजदूर सूरजगढ़ नागौर जिला निवासी राजूराम (40) अपनी प|ी प्रेमदेवी को लेकर राजकीय अमृतकौर अस्पताल पहुंचा। वहां उसे सिजेरियन प्रसव की आवश्यकता बताई गई। स्टाफ के कहने पर राजूराम ने फॉर्म पर हस्ताक्षर भी कर दिए और खून की कमी होने पर उसके फैक्ट्री मालिक धर्माराम ने रक्तदान किया। काफी देर बाद राजूराम को पता चला कि उसकी प|ी ने मृत बच्चे को जन्म दिया। राजूराम का आरोप है कि प्रसव में मृत शिशु होने के बाद भी उसकी रिश्तेदार महिला से कर्मचारियों ने बख्शीश मांगी। महिला ने 500 रुपए दे दिए लेकिन कर्मचारियों को कम लगे तो 200 रुपए और दे दिए मगर स्थिति तब बिगड़ गई जब कर्मचारियों ने 500 रुपए फिर मांगे। शेष| पेज 10

अबपरिजनाें का सब्र जवाब दे गया और उन्हाेंने हंगामा कर दिया। परिजनों का आरोप है कि रुपए देने से इनकार करने पर लैबर रूम से नवजात का शव देने और मरीज को बाहर निकालने से इनकार कर दिया गया।

इंसानियत हुई तार तार…

हंगामा होने पर प्रसूता के परिजनों को लेबर कर्मचारियों ने बुलाकर वसूली गई राशि वापस लौटा दी लेकिन मीडियाकर्मियों के पहुंचने पर मामले को रफा दफा करने की कोशिश में कर्मचारियों ने नवजात के शव को बिना साफ सफाई किए ही परिजनों को सौंप दिया। मामले की जानकारी मिलने पर नर्सिंग अधीक्षक आरपी वर्मा मौके पर पहुंचे। उनके सामने परिजनों ने आरोप लगाया कि लेबर रूम में उनसे 500 रुपए वसूले गए और विरोध जताने पर उनके साथ बदसलूकी भी की गई। मेट्रन वर्मा ने नवजात के शव की स्थिति देखकर नाराजगी जाहिर करते हुए लेबर रूम के स्टाफ को बुलाया और हिदायत दी कि भविष्य में मृत नवजात के शव को भी ठीक तरह से सफाई कर ही परिजनों को सौंपा जाए।



^शिकायत मिली कि प्रसूता के परिजनों से 700 रुपए वसूल लिए गए और अभ्रदता की गई। परिजनों से अभद्रता करने की पुष्टि तो हो गई लेकिन वसूली के मामले में परिजन लिखित में शिकायत देंगे