अंधी रफ्तार ले रही जान
ब्यावर| नेशनलहाइवे पर रफ्तार की चाह में लोग हादसे को गले लगा रहें हैं। ये रफ्तार लोगों की जान ले रही है। निर्धारित गति से ज्यादा तेज वाहन चलाने के दुष्परिणाम दुर्घटना के रूप में सामने रहे हैं। कार्रवाई के अभाव में ये रफ्तार जानलेवा साबित हो रही है। विभिन्न सड़क हादसों में चार जनों मौत हो गई और 30 से ज्यादा जने गंभीर रूप से घायल हो गए। नेशनल हाइवे पर दौड़ने वाले वाहन यात्रियों और सड़क पर चलने वाले लोगों दोनों की जान को जोखिम में डाल रहे हैं। लोगों की सुविधा के लिए बना हाइवे अब दुर्घटना का सबब भी बन रहा हैं। हाइवे पर वाहनों की मानक स्पीड 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा है। लेकिन वाहन 80 से 100 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार तुरंत हासिल कर लेती है।
हादसेके बाद भी नहीं चेता प्रशासन : नेशनलहाइवे पर पिछले दो सप्ताह में विभिन्न दुर्घटना में हुई चार मौतो के बाद भी प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया है। हादसों के पीछे सबसे बड़ा कारण रफ्तार और लापरवाही होती है। लेकिन प्रशासन ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की। वाहनों में संबंधित व्हीकल एक्ट की धाराओं में कार्रवाई का प्रावधान है। निर्धारित गति से तेज वाहन चलाने पर 183 के तहत कार्रवाई करते हुए 600 रुपए तक जुर्माने का प्रावधान है। इसके साथ ही सवारी और लोडिंग वाहनों में अन्य अनियमितता पाए जाने पर विभिन्न धाराओं में कार्रवाई करते हुए जुर्माने और सजा का प्रावधान है।