एकेएच में बनेगा रिजर्व लैबर रूम
प्रदेशमें सबसे ज्यादा प्रसव करवाने वाले जिला अस्पतालों में शामिल राजकीय अमृतकौर अस्पताल में अब प्रसूताओं को बेहतर प्रसव सेवा मिलेगी। बेहतर प्रसव सेवाओं की नजर से ब्यावर का जिला स्तरीय राजकीय अृमतकौर अस्पताल चार जिलों के सीमावर्ती क्षेत्रों में बसे लोगों के लिए विशेष महत्व रखता है।
अस्पताल के अंदरूनी व्यवस्थाओं को व्यापक स्तर पर सुधारने की कवायद शुरू की जा चुकी है। ब्यावर में होने वाले प्रसवों की संख्या को देखते हुए सरकार ने राजकीय अमृतकौर अस्पताल में दो लैबर रूम बनवाने की योजना को अमली जामा पहनाने की प्रक्रिया शुरू करते हुए 10 लाख का बजट स्वीकृत कर दिया है। जल्द ही इसके लिए निविदाएं निकाल कर कार्य शुरू कर दिया जाएगा। अगले साल जून-जुलाई 15 तक यहां अाने वाली प्रसूताओं को संक्रमित लेबर रूम में प्रसव करवाने के खतरे से नहीं गुजरना पड़ेगा।
ये होगा रेनोवेशन
अस्पतालमें बनने वाले नए लैबर रूम का काम दो चरणों में पूरा होगा। पहले चरण में निर्माण का कार्य होगा। जिसके तहत अस्थाई रिजर्व लैबर रूम के दीवारों पर 5 फीट तक टाइल लगवाने, फर्श पर टाइल लगवाने के साथ 2 एसी नए रिजर्व लैबर रूम में और 2 एसी पुराने लैबर रूम में लगवाने है। इसके साथ ही रिजर्व लैबर रूम में आवश्यक मरम्मत का कार्य कर उसे नियमानुसार एयर टाइट करवाया जाएगा। इसमें बिजली और पानी की लाइन बिछाई जाएगी। रेनोवेशन के बाद रिजर्व लेबर रूम में पांच लेबर चेयर लगाने के साथ सक्शन मशीन, ऑक्सीजन, पल्स ऑक्सोमीटर लगाने का काम किया जाएगा।
^राजस्थान के 20 अस्पतालों में ब्यावर के अस्पताल का भी चयन हुआ है। 10 लाख रुपए का बजट स्वीकृत हुआ है। इसके तहत जल्द की काम शुरू किया जाएगा। प्रसूताओं को उच्चस्तरीय सुविधाओं के साथ सुरक्षित और संक्रमण रहित प्रसव की सुविधाएं दिए जाने को कटिबद्ध है। डॉ.प्रमोद पोरवाल, पीएमओ,राजकीय अमृतकौर अस्पताल
ब्यावर. अमृतकौरअस्पताल के अस्थाई लेबर रूम टूटी लेबर टेबल। (फाइलफोटो)