जनप्रतिनिधियों ने जताई आपत्ति
वार्ड सीमांकन मामले में आपत्ति अाज
नगरपरिषद चुनाव 2014 के लिए प्रकाशित निर्वाचक नामावली प्रारूप प्रकाशन के दौरान कई वार्डों में हुए वार्ड पुर्नसीमांकन को लेकर जनप्रतिनिधियों में रोष व्याप्त है। इसको लेकर उन्होंने वर्ष 2009 के आधार पर ही वार्डों का सीमांकन करने की मांग की है।
इधर प्रशासन की ओर से इस मामले में बुधवार तक आपत्ति मांगी गई है। मंगलवार को भी कुछ पार्षदों ने एतराज जताते हुए निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण पदाधिकारी (एसडीएम) भगवती प्रसाद से वार्डों का पुर्नसीमांकन वर्ष 2009 के आधार पर ही रखने की मांग की।
वार्ड संख्या 34 की पार्षद लीलादेवी प्रजापति ने उपखंड अधिकारी को सौंपे ज्ञापन में बताया कि वार्ड के कई क्षेत्र अन्य वार्ड में शामिल कर दिए गए। इससे चुनाव के दौरान मतदाताओं को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि वार्ड 28, 31, 32 और 35 के कुछ क्षेत्रों में वार्ड 34 में शामिल कर दिया गया। वार्ड के करीब 200-300 मतदाताओं को वार्ड 25, 32, 33 और 35 में शामिल कर दिया।
इसी प्रकार वार्ड संख्या 26 के पार्षद ज्ञानदेव झंवर ने भी वर्ष 2009 के आधार पर वार्ड सूची को ही 2014 के निकाय चुनाव में यथावत रखने की मांग की। उन्होंने बताया कि 2014 के निकाय चुनाव के लिए जारी मतदाता सूची में गड़बड़ी है। वार्ड की जारी सूची में मतदाताओं के नाम अलग होकर वार्ड 23, 24, 34 और 25 में चले गए हैं। प्रशासन उक्त सूची संशोधित कर मतदाताओं को राहत प्रदान करें।
निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण पदाधिकारी (एसडीएम) भगवती प्रसाद ने बताया कि इस बार प्रकाशित मतदाता सूची लोकसभा आम चुनाव 2014 की फोटोयुक्त मतदाता सूची अनुसार बनाई गई है। जो नगर परिषद चुनाव 2009 की सूची से भिन्न है। प्रगणकों ने वार्डवार व्यवस्थित किया लेकिन नजरी नक्शा मौके की स्थिति की अस्पष्टता के कारण हो सकता है कि कोई कॉलोनी या गली किसी अन्य वार्ड में शामिल हो गई हो। यदि ऐसा हुआ हो तो सभी पार्षद, संभावित उम्मीदवार आम मतदाता संबंधित प्रगणक से संपर्क कर स्पष्ट कर लें। साथ ही किसी प्रकार की आपत्ति हो तो निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण पदाधिकारी (एसडीएम) प्रगणक को लिखित में स्वयं उपस्थित होकर अवगत कराएं।