बालिकाएं खुद जाकर कराएं स्वास्थ्य जांच
शालादर्पण योजना में सरकारी स्कूलों की नासमझी ने बालिकाओं काे अस्पताल के चक्कर लगवा दिए। बालिकाओं की स्वास्थ्य जांच का जिम्मा भी विद्यालयों ने बालिकाओं पर डालते हुए सरकारी अस्पताल में मेडिकल जांच कराने के लिए कह दिया। हालांकि इस संबंध में राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि बालिकाओं के स्वास्थ्य की जांच स्कूल में शिविर लगवा कर स्कूल प्रबंधन अपने स्तर पर करवाएगा।
स्कूलों को ऑनलाइन करने के मकसद से स्कूली शिक्षा के दायरे से बाहर रहने और बीच में पढ़ाई छोडने वाले छात्राें को स्कूल तक पहुंचाने की पहल के तहत सरकार ने शाला दर्पण योजना का शुभारंभ किया। योजना के तहत स्कूल को ऑन लाइन बेब पोर्टल पर प्रपत्र जारी किए जा रहे हैं। इस प्रपत्र में छात्राओं को अपने नाम पते के साथ ही मेडिकल भी करवाना हैं। मेडिकल में बालिकाओं को वजन, लंबाई, ब्लड ग्रुप समेत अन्य जानकारियां भरनी है। कई स्कूलों नेे छात्राओं को प्रपत्र देकर भरने की हिदायत दी। छात्राओं को यह नहीं बताया गया कि स्वास्थ्य जांच के लिए शिविर लगेगा। गत दो दिनों से बालिकाएं ब्लड ग्रुप समेत अन्य जानकारियों के लिए अस्पताल के चक्कर काट रही हैं। इस संबंध में राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के एडीपीसी आरएन गालव ने बताया कि संस्था प्रधानों को ऐसे कोई आदेश नहीं दिए गए हैं। जांच के लिए स्कूलों में ही शिविर लगवा कर जांव करवाई जाएगी। इस मामले के सामने आने के बाद संस्था प्रधानों ने यह कहकर पल्ला झाड़ दिया कि छात्राएं अपनी मर्जी से अस्पताल पहुंच रही हैं।