दो साल में आधे पद भी नहीं भर पाए
ब्यावर| चिकित्सकोंनर्सिंगकर्मियों की कमी से जूझता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग इस स्थिति को लेकर कितना संजीदा है यह पिछले दिनों विभाग की गलती से भेज दी गई ईमेल से साफ हो गया। नए पद सृजित किए जाने की मेल महकमे के किसी कार्मिक की गलती से चली मगर इससे यह तो सामने ही गया कि नवसृजित पदों पर गत दो साल में आधे पद भी मुश्किल से भर पाए।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य निदेशालय के मेल के हवाले से सूचित किया गया कि सरकार ने छह हजार से अधिक नर्सिंग स्वास्थ्यकर्मियों के पद सृजित किए हैं। रोजगार की अास लगाए बैठे नर्सिंगकर्मियों और स्टाफ की कमी के कारण अव्यवस्था भुगत रहे नागरिकों को इससे काफी राहत मिली मगर जल्द ही पता चल गया कि मेल दो साल पुरानी है जो गलती से भेज दी गई। गत पांच फरवरी को आई यह मेल 10 मार्च 2014 की है। जिसमें प्रदेश में 6 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की संभावनाएं जगी थी। ब्यावर के राजकीय अमृतकौर अस्पताल में भी विभिन्न पदों पर 10 नर्सिंग कर्मियों समेत 12 पदों पर महिला स्वास्थ्य दर्शिका के भर्ती होने का हवाला था। निदेशालय में जैसे ही इस गलती का पता चला वहां से इस मेल को हटा लिया गया। लेकिन अस्पतालों में इस मेल को लेकर असमंजस बना रहा।
दोसाल में आधे पद ही भर पाए : चिकित्साएवं स्वास्थ्य विभाग निदेशालय जयपुर से करीब दो साल पहले 10 मार्च को प्रदेश में 6 हजार 851 पद सृजित किए गए। इनमें से सबसे अधिक नर्स ग्रेड प्रथम के 2 हजार 835 और स्वास्थ्य दर्शिका के 2 हजार 42 पद सृजित किए गए। इसके साथ ही नर्स ग्रेड सेंकड के भी 1 हजार 783 पद सृजित किए गए। लेकिन इन पदों में से अाधे से अधिक पद आज तक वेकेंट ही चल रहे हैं।