81 कलश की घटयात्रा निकाली
ब्यावर| दिगंबरजैन पंचायती नसियां में मुनि विश्रुत सागर का 11वां संयम दिवस मनाया गया। इस अवसर पर अभिषेक, शांतिधारा, नृत्य पूजन, नवग्रह शांति हवन आदि अनुष्ठान हुए। कार्यक्रम की शुरुआत पर चित्र अनावरण और दीप प्रज्वलन से किए जाने के बाद 81 कलश की घटयात्रा पंचायती नसिया से शुरू होकर छावनी मंदिर पहुंची। जहां नागपुर वाले प्रतिष्ठा पंडित ऋषभ कुमार के सान्निध्य में छावनी मंदिर में नवीन जिनालय हाउसिंग बोर्ड मंदिर में वेदी शुद्धि पूजन वास्तु पूजन हुआ। इंद्र-इंद्राणियों की ओर से संगीतमय भक्तिमय नृत्य प्रस्तुत किए गए। विश्रुत सागर महाराज और आर्यिका गणिनी विज्ञाश्री माताजी का पाद प्रक्षालन शास्त्र भेंट लक्ष्मीचंद, उत्तमचंद, अनिल बोथरा नागौर वालों को प्राप्त हुआ। विज्ञाश्री माताजी को शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य प्रेमचंद, विकास कासलीवाल जयपुर परिवार को मिला। वस्त्र भेंट करने का सौभाग्य महेंद्र, अंजना जैन, मनारेमा गंगवाल, भागचंद सुनील कुमार कटारिया, सुनील बाकलीवाल परिवार को प्राप्त हुआ। शाम को हाथी पर बैठकर महाआरती का सौभाग्य प्रेमचंद, विकास कासलीवाल जयपुर वालों को मिला। रात में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया जिसमें माता के 16 स्वप्न दिखाए गए माता की गोद भराई की गई।
आदिनाथजन्म कल्याणक महोत्सव आज : प्रचारमंत्री अमित गोधा ने बताया कि रविवार सुबह 9 बजे आदिनाथ भगवान का जन्म कल्याणक महोत्सव मनाया जाएगा। जिसमें सुबह विशाल जुलूस पंचायती नसियां से शुरू होगा। जो शहर के मुख्य मागोँ पर घूमेगा। समाज अध्यक्ष सुशील बडज़ात्या ने बताया कि 91 वर्ष पुरानी पांडुशिला पर आदिनाथ भगवान का जन्माभिषेक महोत्सव मनाया जाएगा।
मांकी जिम्मेदारी बच्चों को करें संस्कारित: मुनिविश्रुत सागर ने कहा कि जिस प्रकार जहां-जहां पानी गिरता है वहां की भूमि गीली हो जाती है। उसी प्रकार मां अपने वचनों से बच्चों को संस्कारित करती है लेकिन आज की माताएं चीटी की रक्षा करती है और बेटी की हत्या करती है। बच्चे सबसे अधिक संस्कारित गर्भ में ही होते हैं।