सेहत पर भारी पड़ेगी बेमौसम बरसात
{ भीड़-भाड़ समूह वाले क्षेत्र में रहने के दौरान मुंह पर मास्क, रूमाल या कपड़े से बांध कर रखें।
{ आइसक्रीम या ठंडे खाद्य पेय पदार्थ का उपयोग बंद हो।
{ लक्षण दिखाई देने पर तुरंत अस्पताल में जांच कराएं।
{ बच्चों बुजुर्ग लोगों का विशेष रूप से अपना बचाव करें।
{ खान-पान में गरम तरल पदार्थ का बहुतायात उपयोग करें।
भास्कर न्यूज |ब्यावर
सर्दी,खांसी, जुकाम जैसी मौसमी बीमारियों से आंशिक राहत मिली ही थी कि रविवार शाम बेमौसम बरसात से ठंड का असर फिर बढ़ गया। शाम छह बजे पहले तक जहां हल्की ठंड महसूस हो रही थीं, अचानक तेज हवाओं के साथ बरसात से पारा और नीचे गया।
करीब 20 मिनट तक हुई बरसात के बाद ठंडी हवाओं का दौर शुरू हुआ और बिजलियां भी चमकने लगी। ठंड से बचाव के लिए लोगों को गर्म कपड़ों, अलाव, हीटर आदि का सहारा लेना पड़ा। वहीं बरसात के बाद सड़कों पर कीचड़ फैल गया।
गौरतलब है कि पिछले दिनों गत 22 जनवरी को देर रात को 22 एमएम बरसात होने से ठंड का असर बढ़ गया। ठंड के बाद ही मौसमी बीमारियाें के मामलों में भयंकर इजाफा हुआ। इसके साथ ही प्रदेश में स्वाइन फ्लू के मामले भी सामने आए। रविवार को हुई बरसात के बाद सावधानी बरतने की ज्यादा अाश्यकता पड़ सकती हैं।
सड़केंसूनी, शादी के रंग में पड़ा भंग
मौसममें हुआ अचानक बदलाव से सामान्य जन-जीवन प्रभावित हो गया। शाम 7 बजे से ही बाजार में भीड़भाड़ कम हो गई। वहीं इन दिनों शादियों के माहौल में भी बरसात से मांगलिक कार्यक्रमों में विघ्न पड़ गया। ठंड के असर से लोग घरों से बाहर नहीं निकल पाए। घरों में हीटर या अलाव के सहारे दुबक पर बैठे रहे। शाम होने तक शहर की सड़कें भी सूनी दिखाई दी।
^मौसमीबीमारियां छोटे बच्चों बुजुर्गों पर ज्यादा प्रभाव डालती हैं। काढ़ा वितरण शिविरों में अक्सर लोग बिना मुंह ढके छोटे बच्चों को साथ लेकर रहे हैं। इससे संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता हैं। रविवार को हुई बरसात से लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी होगी। ’’ डाॅ.रमाशंकर पचौरी, वरिष्ठ चिकित्सक, चांदमल मोदी आयुर्वेदिक चिकित्त्सालय, ब्यावर
ब्यावर. रविवार शाम तेज बरसात के बीच गुजरते वाहन।