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कश्मीर आपदा के जरूरतमंदों के लिए उठे बेटियों के हाथ
जम्मू-कश्मीरकी प्राकृतिक आपदा में फंसे लोगों की मदद के लिए शहर के मासूम बेटियों ने बीड़ा उठाया है। आपदा से पीड़ित परिवारों की मदद के लिए शनिवार को पहल करते हुए कुछ प्रेरणादायी कदम उठाया। दयानंद आर्य बालिका महाविद्यालय सनातन धर्म राजकीय महाविद्यालय में पढ़ने वाली आधा दर्जन बेटियों को जब जम्मू-कश्मीर में आपदा और इससे वहां प्रभावित परिवारों के मौजूदा हालात के बारे में पता चला तो खुद को उनकी मदद करने से रोक ना सकी। ब्यावर में रह कर जम्मू-कश्मीर तक मदद भेजने के बारे में जानकारी जुटाने के लिए इंटरनेट का सहारा लेने पर उन्हें प्रधानमंत्री राहत कोष राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन की जानकारी मिली।
इसके बाद योजना बना कर सभी बेटियां अपने हाथ में कागज का डिब्बा बना कर मदद के लिए रुपए जुटाने के लिए बिना किसी झिझक के बाजार में निकल पड़ी। बेटियों का हौंसला देख कर बाजार में हर कोई दंग रह गया। जिसके चलते कुछ घंटों में ही उन्होंने 5 हजार रुपए से ज्यादा की राशि जुटा ली। शुरुआत में ही सफलता मिलने पर इन बेटियों का हौंसला बढ़ गया और उन्होंने अगले दो दिन में बाजार, कॉलेज, कॉम्पलेक्स इत्यादि जगहों पर भरसक प्रयास करके ज्यादा से ज्यादा रकम जुटाने का संकल्प ले लिया। ब्यावर की इन होनहार बेटियों में लविना कृपलानी, सोनू चौधरी, ज्योति देवड़ा, करुणा इंदौरा भाविका भंसाली शामिल है। इस परोपकारी कार्य के लिए उन्हें मुंह बोले भाई जितेंद्र शर्मा की प्रेरणा मिली।
मदनगंज किशनगढ़. जम्मू-कश्मीर आपदा से पीड़ित लोगों के लिए चांग गेट पर आर्थिक मदद जुटाती ब्यावर की बेटियां।