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प्रिंसीपल तक बेझिझक पहुंचेगी ‘आप की बात’

6 वर्ष पहले
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सन्1937 से पहले ‘हौलेंड स्कूल’ के नाम से प्रसिद्ध पटेल स्कूल में प्रबंधन छात्रों के बीच संवाद का नया तरीका अपना गया हैं। स्कूल में शैक्षणिक गैर-शैक्षणिकों व्यवस्थाओं में में समस्याओं जानने के लिए ‘आप की बात’ व्यवस्था लागू की गई हैं।

प्रिसींपल कक्ष से कुछ कदम दूर लगी इस पेटी में कोई भी छात्र या स्टॉफ सादे कागज पर अपनी बात लिखकर उच्चाधिकारी तक पहुंचा सकता हैं। स्कूल में यह व्यवस्था लागू करने के संबंध कोई आदेश जारी नहीं हैं, स्कूल प्रिंसीपल ने अपने स्वैच्छा से एेसी व्यवस्था व्यवस्था लागू की है। ताकि छात्रों स्कूल प्रबंधन के बीच झिझक मिट सके और स्कूल के मुखिया तक अपनी बात बेझिझक पहुंचाई जा सके।

गुप्तरहेगा शिकायतकर्ता नाम

स्कूलमें लगी इस पेटिका में शिकायत करने वाले का नाम गुप्त रहेगा। स्कूल की किसी भी गतिविधि की शिकायत करने का अधिकार दिया गया है। स्कूल में छात्र वाला, अध्यापक या कोई कर्मचारी आसानी से अपनी पहुंचा सकता हैं। इस व्यवस्था विद्यार्थी बिना किसी डर के खुलकर अपनी समस्या स्कूल प्रबंधक तक रख सकते हैं। इस व्यवस्था से स्कूल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले, ट्यूशन के लिए दबाव बनाने, अभद्र व्यवहार, गुटखा-सिगरेट उपयोग वालाें के नाम जैसी शिकायतों पर बिना सामने आए सीधे प्रिंसीपल से संवाद किया जा सकता हैं।

ऐतिहासिकस्कूल में सुधार की दरकार

करीब5 दशक पहले मल्टीपलपज स्कूल के रूप में पहचान कायम करने वाली पटेल स्कूल सुधार की दरकार बनी हुई हैं। नगर परिषद से कुछ कदम दूर स्थित स्कूल में उच्च शिक्षा तकनीकी शिक्षा दी जाती थी। ब्यावर का पटेल स्कूल 1937 से पहले हौलेंड स्कूल के नाम से जाना जाता था। 1950 में स्कूल का नाम परिवर्तन करते हुए राजकीय पटेल उच्च माध्यमिक विद्यालय रखा गया। काष्टकला इंजीनियरिंग के क्षेत्र में सेंटर का नाम रहा। करीब दो दशक तक एक ही छत के नीचे प्राइमरी, माध्यमिक तकनीकी शिक्षा देने वाला प्रदेश का पहला स्कूल बना। लेकिन पिछले कुछ सालों से स्कूल में अव्यवस्थाएं बढ़ी हैं। स्कूल में शैक्षणिक स्तर नामांकन में भी भारी गिरावट हैं।

ब्यावर. पटेल स्कूल में लगी ‘आप की बात’ पेटिका।

मैंने भी यहीं पढ़ाई की हैं, सुधार करुंगा...

^सन्1984 में मैंने भी इसी स्कूल से सीनियर सैकंडरी पास की हैं। हमारे समय में स्कूल का वर्चस्व था। मेरी इच्छा है कि वापस वहीं नाम इस स्कूल को और व्यवस्थाएं छात्रों को मिलें। स्कूल में अव्यवस्था, जबरन ट्यूशन, तोड़फोड़ करने वालों के नाम जैसे चुनौतियों से निबटने के लिए ‘आप की बात’ पेटिका लगाई है। छात्रों की झिझक दूर करने के लिए एक सार्वजनिक व्यवस्था लागू की हैं। छात्र, स्टॉफ या अभिभावक शिकायत कर सकता हैं। शिकायतकर्ता का नाम भी गुप्त रहेगा।’’ -राजेशजिंदल, प्रिंसीपल, राजकीय पटेल उच्च माध्यमिक विद्यायल, ब्यावर