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‘आस्था के साथ व्यवस्था जरूरी’

7 वर्ष पहले
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तीर्थस्थलों से गंदगी हटाने में ‘आस्था’ के साथ ‘व्यवस्था’ का होना जरूरी है। धर्म की पहली सीढ़ी स्वयं को शुद्ध एवं अनुशासित रखना सिखाती है। श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन नारायण आश्रम में प्रवचन देते हुए अंतरराष्ट्रीय कथावाचक रमेशभाई ओझा ‘भाईश्री’ ने कहा कि देश में भटके हुए लोगों का संख्या बढ़ रही है, जिनमें बुद्धि तो पर्याप्त है मगर चरित्र की कमी है। ऐसे लोगों की जितनी हो मदद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इंसान के मन में नित्य ऐसी भावना रहे कि सद्कर्म करें। दूसरे के प्रति मैत्री भाव रखें और सकल जग का कल्याण करें। जहां मैत्री भाव है वहां करूणा स्वभाविक है।

उन्होंने कहा कि जिसमें बुद्धि और शुद्धि का सामंजस्य हैं वहीं आचार्य हैं। आचार्य परंपरा संत परंपरा पर ही सनातन संस्कृति आधारित है। मंच का संचालन रमेश बंसल राधेश्याम डाणी ने किया। कथा से पूर्व आयोजक माणकचंद जिंदल, अशोक कुमार, विजय बहादुर, श्यामसुंदर, देवकी, उषा, पुप्पा, सरोज, रेखा, नरेश बजाज, हनुमान चौधरी, आलोक, संदीप जैन, महेंद्र सलेमाबादी, पुष्पा गर्ग, राजदुलारी गर्ग, कीर्ति, कामिनी गोयल, इंदू गर्ग, कैलाया गोयल, विशम्बर अग्रवाल, अनुज अग्रवाल, विजय अग्रवाल, सुमित अग्रवाल, गोपाल गर्ग, नंदी, राजीव अग्रवाल ने महाराज का स्वागत किया गया। ‘भाईश्री’ शुक्रवार रात अजमेर रोड स्थित ब्रजचंदा गार्डन पहुंचे। यहां महेंद्र दीप बजाज, अनुपमोहन दयाल, निखिल, गोविंद गोयल, दीप्ति बजाज, हर्ष बजाज, सुमित्रा जैथलिया ने स्वागत किया।

‘भाईश्री’के साथ उमड़ेगा हुजूम

गुजरातमें स्वच्छता अभियान के ब्रांड अम्बेसेडर रमेशभाई ओझा स्वयं पाली बाजार में सफाई करेंगे। अंतरराष्ट्रीय कथावाचक ‘भाईश्री’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात राज्य के लिए दी गई अहम जिम्मेदारी को निभा रहे हैं। इसी के तहत सोमवार को सुबह 9 बजे से भारत माता सर्किल पर ब्यावर की आम जनता के बीच श्रमदान करके स्वच्छता का संदेश देंगे।

‘सत्यम्’पत्रकार, ‘शिवम्’ कथाकार, ‘सुंदरम्’ कलाकार : ब्यावर.देश की सोच बदलने में तीन ‘कारों’ का बड़ा महत्व है। पत्रकार, कथाकार और कलाकार तीनों अपने-अपने कार्य से लोगों का सोच बदलने की जिम्मेदारी निभाते है। यहीं तीनों ‘सत्यम्’ पत्रकार हैं, ‘शिवम्’ कथाकार हैं और कलाकाराें काे ‘सुंदरम्’ का दर्जा है। यह बात अंतरराष्ट्रीय रमेश भाई ओझा ‘भाईश्री’ ने कही। कथा आयो