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वर्ष 2009 के आधार पर ही हो वार्ड पुनर्सीमांकन
नगरपरिषद चुनाव 2014 के लिए प्रकाशित निर्वाचक नामावली प्रारूप प्रकाशन को लेकर विभिन्न पार्षदों ने एतराज जताते हुए निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण पदाधिकारी (एसडीएम) भगवती प्रसाद से वर्ष 2009 के आधार पर ही वार्डों का पुनर्सीमांकन करने की मांग की।
निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण पदाधिकारी (एसडीएम) भगवती प्रसाद ने बताया कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर आयोजित निर्वाचक नामावली प्रारूप प्रकाशन 22 सितंबर तक चलेगा।
उन्होंने बताया कि इस बार प्रकाशित मतदाता सूची लोकसभा आम चुनाव 2014 की फोटोयुक्त मतदाता सूची अनुसार बनाई गई है। जो नगर परिषद चुनाव 2009 की सूची से भिन्न है। प्रगणकों ने मेहनत से वार्डवार व्यवस्थित किया लेकिन नजरी नक्शा मौके की स्थिति की अस्पष्टता के कारण हो सकता है कि कोई कॉलोनी या गली किसी अन्य वार्ड में शामिल हो गई हो। यदि ऐसा हुआ हो तो सभी पार्षद, संभावित उम्मीदवार आम मतदाता संबंधित प्रगणक से संपर्क कर स्पष्ट कर लें। साथ ही किसी प्रकार की आपत्ति हो तो निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण पदाधिकारी (एसडीएम) प्रगणक को लिखित में स्वयं उपस्थित होकर अवगत कराएं। ऐसे में सोमवार को कुछ पार्षदों ने एसडीओ के समक्ष आपत्ति जताई।
वार्ड संख्या 9 के पार्षद राजेश शर्मा ने बताया कि वर्ष 2009 में वार्ड का पुर्नसीमांकन किया गया था। यदि इसमें वर्तमान में परिवर्तन किया गया तो राज्य सरकार के आदेशों की अवहेलना होगी। क्योंकि राज्य सरकार ने ब्यावर में वर्ष 2009 में पुर्नसीमांकन को यथावत रखने के निर्देश दिए हैं। जबकि वर्तमान में वार्ड संख्या 9 में करीब 400 मतदाताओं को वार्ड संख्या 4 में समायोजित कर दिया गया है। वार्ड 9 में वार्ड 4 के करीब 250 मतदाताओं को समायोजित किया गया।
जिसमें अमृतकौर अस्पताल के पीछे स्थित ढपली वाले, छावनी रोड स्थित लुहार बस्ती के मतदाताओं को वार्ड 9 में समायोजित कर दिया गया जो कि पूर्व सीमांकन से भिन्न है।पार्षद शर्मा ने प्रशासन से इस संबंध में पुर्ननिरीक्षण कर वंचित लोगों को मतदाता सूची में जोड़ने की मांग की। उन्होंने बताया कि यदि इसमें कोई त्रुटि रहती है तो शहर के कई मतदाता अपने मतदान के अधिकार से वंचित रह जाएंगे।