पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव शुरू
श्रीपार्श्व जैन महिला बैंड का उद्घाटन : कार्यक्रममें जब श्री पार्श्व जैन महिला म्यूजिक बैंड ने मंगल स्वर लहरियां बिखेरते हुए कार्यक्रम को चार चांद लगा दिए। इसमें शामिल समाज की महिलाओं ने जब वाद्य यंत्रों से लयबद्ध स्वर लहरिया बिखेंरी तो हर कोई मंत्रमुग्ध हो गया। अमित गोधा ने बताया कि समाज की महिलाओं द्वारा गठित बैंड से किसी माहिर कलाकार की तरह वाद्य यंत्र बजाने के लिए बैंड में शामिल महिलाओं ने करीब तीन महीने से पहले से प्रैक्टिस शुरू की थी। बैंड की मुखिया भारती जैन ने बताया कि विज्ञाश्री माताजी की प्रेरणा से सामाजिक कार्यों में मंगल स्वर लहरियां बिखेरने के लिए उद्देश्य से इसका गठन किया गया है। पार्श्व बैंड में मंडली में भारती जैन, संध्या फागीवाला, नमिता झांझरी, रेखा पाटोदी, भारती जैन, सीमा जैन, पिंकी जैन, अनिता रावंका, तारा जैन, निखिलेश जैन, मधु श्रीमाल, निरज गदिया और मंजू जैन शामिल है। मालूम हो कि पिछले दिनों से श्री दिगंबर जैन पंचायती नसियां में श्रमण मुनि विश्रुत सागर, मुनि विश्वास सागर, आर्यिका गणिनी विज्ञाश्री माताजी के सान्निध्य में आर्यिका विकक्षाश्री माताजी, आर्यिका ज्ञानश्री माताजी, आर्यिका ज्ञाताश्री माताजी और क्षुल्लिका विभद्राश्री माताजी विराजित है।
आज भी होंगे विविध कार्यक्रम
कार्यक्रमके तहत शुक्रवार सुबह 6 बजे जाप्यानुष्ठान, 6.30 बजे अभिषेक, नित्यमह पूजन, यागमंडल विधान, सुबह 9.30 बजे मंगल प्रवचन, दोपहर एक बजे याग मंडल आराधन, शाम 4 बजे मंगल प्रवचन, 6 बजे गुरु भक्ति, आनंद यात्रा, शाम 7 बजे श्रीजी की आरती, शास्त्र सभा, रात 8.30 बजे स्वर्ग लोक में इंद्र सभा, नपरी रचना, र| दृष्टि, अष्ट कुमारियोंं द्वारा माता को भेंट, 18 स्वप्न, गर्भ कल्याणक महोत्सव आयोजित किया जाएगा।
जहांजन्म कल्याणक वही नगरी अयोध्या : मुनिविश्रुत सागर ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि ब्यावर एक पुण्यशाली नगरी है। गुरुवार को शुरू हुए महोत्सव के दौरान यह अयोध्या नगरी जैसी बन गई, क्योंकि आदिनाथ का जन्म अयोध्या में हुआ था और हम ब्यावर में जन्म कल्याणक मना रहे हैं। पाषाण को परमात्मा हम अपने अवलंबन के लिए बनाते हैं। हमारी भक्ति से अहम का परमात्मा प्रकट होता है जब तक हम इंद्र बनकर भगवान की आराधना करते हैं तो देवता कहलाते है लेकिन आराधना तन-मन की शुद्धि करे तो हम भी भगवान बन जाएंगे। पत्थर को भगवान बनाने जा रहे हैं स्वयं को भगवान बनाने की भावना जरूरत बना लेना। पंचमकाल में पंचकल्याणक महोत्सव मिल रहा है यह पुण्य से मिला है इसलिए इसका सदुपयोग करना चाहिए।
तन के साथ मन की शुद्धि जरूरी
आर्यिकाविज्ञाश्री माताजी ने कहा कि आपने तन की शुद्धि तो कर दी अब मन की शुद्धि सहित आराधना करना है तो अपनी कषायों को दूर करो। तन की शुद्धि के साथ मन की शुद्धि अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन चाय के समान है इसलिए अपने अहं को उबाल दीजिए, चिंताओं को भाप बनाकर उड़ा दीजिए, दुखों को धुल जाने दीजिए और अपनी गलतियों को छान लीजिए, फिर खुशियों की चुस्कियां लीजिए तो आपके जीवन में मिठासमय आनंदित हो जाएगा। माताजी ने कहा कि अयोध्या में खोजोगे तो सिर्फ राम और आदिनाथ मिलेंगे, मथुरा में खोजोगे तो घनश्याम मिलेंगे, हस्तिनापुर में खोजोगे तो शांति कुंथु अरहनाथ प्रभु मिलेंगे, लेकिन अपने हृदय में श्रद्धा से खोजोगे तो आदिनाथ से लेकर महावीर भगवान तक 24 तीर्थंकर मिल जाएंगे। माताजी ने कहा कि मेहनत इतनी खामोशी से करो कि सफलता शोर मचा दे। उन्होंने पंच कल्याणक विर्निघ्न संपन्न करने के लिए प्रार्थना की और समाजबंधुओं को शुभाषीष दिया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं मौजूद थी।
ब्यावर. पंच कल्याण महोत्सव में उपस्थित महिलाएं।
ब्यावर. समारेाहमें पार्श्व जैन महिला म्यूजिक बैंड आकर्षण का केंद्र रहा।
ब्यावर. कार्यक्रममें प्रवचन देते मुनि।
ब्यावर. नसियांमें पंच कल्याणक महोत्सव का ध्वजारोहण कर शुभारंभ करते श्रद्धालु।
ब्यावर. कार्यक्रममें प्रवचन देती माताजी।
भास्कर न्यूज| ब्यावर
श्रीदिगंबर जैन पंचायत नसियां में श्रमण मुनि विश्रुत सागर महाराज, मुनि विश्वास सागर और आर्यिका र| विज्ञाश्री के सान्निध्य में श्री 1008 मज्जिनेंद्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का आगाज गुरुवार से हुआ। 17 फरवरी तक चलने वाले महोत्सव में प्रतिदिन विविध धार्मिक कार्यक्रम होंगे। महोत्सव के शुभारंभ पर श्री पार्श्व जैन महिला म्यूजिक बैंड आकर्षण का केंद्र रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत में मंडप उद्घाटन प्रेमचंद, मुकेश कुमार, कमल कुमार जैन परिवार ने किया। आचार्य विराग सागर महाराज के चित्र का अनावरण प्रीतमचंद राकेश कुमार बड़जात्या परिवार ने किया। दीप प्रज्ज्वलन करने का सौभाग्य निर्मल कुमार योगेश कुमार संदीप पाटनी परिवार को मिला। मुनि श्री आर्यिका माताजी को शास्त्र भेंट करने महाशांतिधारा करने का सौभाग्य अशोक कुमार, संजय कुमार, उज्ज्वल कुमार काला परिवार को प्राप्त हुआ। मुनि श्री आर्यिका श्री के पाद पक्षालन करने का सौभाग्य सुरेशचंद, मनोज कुमार बड़जात्या परिवार को प्राप्त हुआ।
घटयात्राका जगह-जगह स्वागत : प्रचारमंत्री अमित गोधा ने बताया कि गुरुवार सुबह 108 मंगल कलशों की घटयात्रा श्री दिगंबर जैन पंचायती नसियां से शुरू हुई। ये अग्रसेन सर्किल, सरावगी मोहल्ला, भारत माता सर्किल होते पुन: पंचायती नसियां पहुंची। घटयात्रा का जगह-जगह स्वागत किया गया। समाज की महिलाओं ने केसरिया परिधान और पुरुषों ने सफेद वस्त्र पहनकर भाग लिया। प्रकाश पाटनी ने बताया कि श्री पार्श्व जैन महिला म्यूजिक मंडल द्वारा जैन संगीत धुन बजाकर मुनि संघ गुरु मां के सान्निध्य में पहली बार विशेष वेशभूषा में नाचते गाते पूरे पांडाल को उल्लासमयी बना दिया।
घटयात्राके साथ हुआ ध्वजारोहण : इसकेबाद ध्वजारोहण सुरेशचंद मनोज कुमार देवांग बडज़ात्या परिवार द्वारा किया गया। दिन में याग मंडल आराधना, शाम को आनंद यात्रा, श्री जी की आरती और शास्त्र सभा का आयोजन किया गया। रात में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस उपलक्ष में नगर के सभी जैन मंदिरों नसियाओं को आकर्षक रोशनी से सजाया गया।