अब पोस मशीन से ही मिलेगी राशन सामग्री
उपभोक्ताओंको इस पखवाड़े से सिर्फ पोस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीन से ही राशन सामग्री का वितरण किया जाएगा। राज्य सरकार ने हाल ही में प्रदेश भर में अब उपभोक्ताओं को पोस मशीन के माध्यम से ही रसद सामग्री वितरण करने का निर्णय लिया है। इससे पहले ये आदेश मार्च के बाद लागू होने थे।
सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के बाद रसद विभाग ने इस पखवाड़े की शुरुआत पर संबंधित डीलर्स को इस बात के लिए पाबंद कर दिया है कि वे किसी भी उपभोक्ता को बिना पोस मशीन के सामग्री वितरित नहीं करेंगे। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि जिन दूरदराज के क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या रही है उन क्षेत्रों या संबंधित डीलर्स की सूची विभाग को उपलब्ध कराई जाएगी। इससे पहले सरकार ने मार्च तक बिना पीओएस मशीन से भी राशन सामग्री का वितरण करने का फैसला लिया था। राज्य सरकार ने कालाबाजारी पर अंकुश लगाने और उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से ही पोस (पाइंट ऑफ सेल) डिवाइस दो महीने पहले शुरू की थी। जिसे खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से डीलर को उपलब्ध कराया गया था। सरकार का मानना है कि इससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली व्यवस्था पर नजर रखी जा सकेगी और अपात्र व्यक्तियों के राशन लेने पर अंकुश लग सकेगा। इसके लिए विभाग ने इन मशीनों को चलाने के लिए सेल्समैन और उसके सहायक को प्रशिक्षण भी दिया था। मशीन में पात्र उपभोक्ताओं का डाटाबेस अपलोड किया जा चुका है। राशन दुकान पर संबंधित डीलर इस मशीन को लॉग-इन कर पासवर्ड से चालू करते हैं और उपभोक्ताओं को इसी से सामग्री वितरित कर रहे हैं।
नई व्यवस्था के तहत राशन लेने वाले व्यक्ति से दुकान पर आधार कार्ड या बैंक खाता मांगा जा रहा है। इसके बाद बॉयोमेट्रिक्स थंब इंप्रेशन (अंगूठे का निशान) का सत्यापन होने के बाद ही राशन दिया जा रहा है। इस व्यवस्था में गेहूं, चावल, शक्कर, केरोसिन एवं अन्य सामग्री को बाजार में नहीं बेचा जा सकेगा।
^कई पात्र उपभोक्ता ऐसे हैं जिन्हें कंपनी प्रतिनिधि की स्वीकृति लेकर एक सप्ताह बाद मैन्युअली तरीके से रजिस्टर में एंट्री कर राशन उपलब्ध करवा रहे थे। मगर विभाग के इस नए आदेश बाद ऐसे उपभोक्ताओं को सामग्री उपलब्ध नहीं करा सकेंगे। कन्हैयालालकुमावत, राशन डीलर
^वंचित उपभोक्ताओं को उपभोक्ता पखवाड़ा शुरू होने के बाद संबंधित कंपनी प्रतिनिधि की इजाजत बाद राशन डीलर रजिस्टर से सामग्री नहीं दे पाएंगे। -नीरज जैन,प्रवर्तन निरीक्षक
^राज्य सरकार ने इस उपभोक्ता पखवाड़े से ही पॉस मशीन व्यवस्था को पूरी तरह लागू करने का निर्णय लिया है। ऐसे में अब मैन्युअली तरीके से सामग्री देना संभव नहीं होगा। हां जहां नेटवर्क की समस्या वहां के लिए विभागीय अधिकारियों को सूचित करवा दिया जाएगा। विनयकुमार शर्मा, जिला रसद अधिकारी (ग्रामीण)
^शहरमें कई राशन उपभोक्ता ऐसे हैं जिनको पॉस मशीन से सामग्री नहीं मिल रही थी, जिन्हें राशन डीलर एक सप्ताह बाद रजिस्टर में एंट्री कर राहत दे रहे थे। अब रसद महकमें के नए आदेश बाद ऐसे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। तुलसीदेवी, उपभोक्ता