एलईडी से जगमगाएंगे गली-मोहल्ले
ब्यावर| शहरके गली-मोहल्ले अब जल्द ही कम बिजली खपत करने वाली एलईडी लाइट से जगमगाएंगे। इसके लिए नगर परिषद प्रशासन ने सरकार के आदेशानुसार ट्रायल के लिए स्ट्रीट पोल पर एलईडी लाइट लगाई है। यदि इसकी रिपोर्ट सकारात्मक आती है और पर्याप्त रोशनी बिखरेती है तो जल्द ही पुरानी सोडियम ट्यूब लाइट की जगह एलईडी लाइट से चौराहे और गली-मोहल्ले रोशन होंगे।
सरकार ने प्रतिमाह करोड़ों रूपए स्ट्रीट लाइट के रूप में खर्च होने को गंभीरता से लेते हुए इसमें किस प्रकार कटौती हो इसके लिए अधिकारियों से सुझाव मांगे। ऐसे में यह निर्णय लिया गया कि हाल ही में बाजार में लॉंच हुई एलईडी लाइट का उपयोग कर बिजली बिल में कटौती की जा सकती है। उक्त एलईडी सीएफएल से भी कम वॉट में ज्यादा रोशनी बिखेरती है। ऐसे में सरकार ने इसका ट्रायल और रिपोर्ट लेने के उद्देश्य से परिषद में एलईडी लाइट भिजवाई। आयुक्त के निर्देशानुसार रोशनी शाखा प्रभारी गोरधन सिंह ने परिषद बिल्डिंग के बाहर लगे पोल पर इसे ट्रालय में रूप में लगावाया है। इसकी जांच के बाद वे आयुक्त को रिपोर्ट देंगे। प्रदेशभर से विभिन्न निकायों से मिली रिपोर्ट के आधार पर ही सरकार यह निर्णय लेगी कि एलईडी का उपयोग स्ट्रीट लाइट के रूप में किया जाए या नहीं।
बिजलीबिल में होगी कटौती: आंकड़ोंपर नजर डालें तो फिलहाल शहर में करीब 16 हजार स्ट्रीट लाइट प्वाइंट है। इनमें से 5 हजार ट्यूब लाइट और 9 हजार सीएफएल सेट है। जबकि शेष प्वाइंट पर सोडियम मेटल लाइट लगी है। रोशनी शाखा के मुताबिक शहर की स्ट्रीट लाइट के लिए परिषद प्रशासन करीब 7 लाख रूपए का बिल प्रतिमाह चुकाता है। वर्तमान में परिषद को करीब चार टुकड़ों में यह बिल मिलता है। यदि एलईडी लाइट लगती है तो बिल में भी कटौती हो सकेगी।
सौरऊर्जा विकल्प भी तलाशने के निर्देश: अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के सचिव अरविंद मायाराम ने भी परिषद अवलोकन के बाद आयुक्त मुरारीलाल वर्मा को सुझाव दिए थे। उन्होंने आयुक्त से परिषद के आय-व्यय की मौखिक जानकारी लेने के बाद खर्चों पर चर्चा की।