मोबाइल से हो रही घरों की सुरक्षा
पुलिसजाप्ते की कमी और वारदातों में हो रही लगातार वृद्धि से बचने और अपने बेशकीमती सामान की सुरक्षा के लिए अब आपका मल्टीमीडिया फोन बेहद मददगार साबित हो सकता है। महज कुछ हजार रुपए खर्च करके आप अपने घर, दुकान, आफिस समेत अन्य सामान की सुरक्षा खुद कर सकते हैं और वो भी सिर्फ 15 हजार रुपए खर्च करके। यह संभव है मोबाइल फोन लाइव मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए, और आपकों ऐसा करने के लिए आपको अपने घर में लगे सीसीटीवी कैमरों को डिजिटल वीडियाे रिकॉर्डर से जोड़ना होगा। इसके जरिए आप अपने मोबाइल के 3 जी नेटवर्क के मार्फत कहीं से भी अपने घर की निगरानी कर सकते हैं। बाजार में इस तरह के गैजेट मात्र 15 हजार रुपए से उपलब्ध है। शहर में बढ़ रही अापराधिक वारदातों के कारण कई लोग ऐसे सिस्टम को अपनाने लगे हैं। हालांकि एेसा करने वालों में अभी तक काराेबारी और उच्च स्तरीय परिवार के लोग ही हैं। व्यापारियों का मानना है कि शहर में बढ़ रहे क्राइम के ग्राफ को देखते हुए सुरक्षा के अतिरिक्त और हाइटेक साधनों के उपयोग आवश्यक हैं। कुछ देशों में तो सुरक्षा के ऐसे हाइटेक संसाधनाें को घरों और दफ्तरों में लगाना अनिवार्य किया गया है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि ऐसे हाइटेक सुरक्षा संसाधन ना सिर्फ आम जनता के लिए बल्कि पुलिस के लिए भी बेहद मददगार साबित हो रहे हैं।
मोशनसेंसर
बड़ेशहरों में मोशन सेंसर बेस्ट लाइटिंग डिवाइस भी उपलब्ध है। महज 3 से 5 हजार रुपए वाले इस सेंसर को स्पेशलिस्ट लाइट के पास फिट कर देता है। अपने सामने मामूली से मूवमेंट को कैच कर ये सेंसर लाइट को ऑन कर देता है।
अलार्मसिस्टम
घरके दरवाजे पर इंडोर अलार्म सिस्टम भी लगाया जा सकता है। इस सिस्टम में सिम कार्ड लगाया जाता है। दरवाजा खुलते ही अलार्म बजने लगता है और सिम के जरिए एक मैसेज आपके मोबाइल पर जाएगा। घर में के किसी के दाखिल होने का पता चल सकेगा।
एक्सपर्ट व्यूज…
^अधिकतरलोग कीमत को लेकर क्वालिटी से समझोता कर लेते हैं। कम दाम के चलते कई बार लाेग ऐसे सस्ते इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम लगवा लेते हैं जो जरूरत के समय नाकाम साबित हो जाते हैं। कोई भी डिवाइस लगवाने से पहले पॉवर बैकअप सिस्टम, कैमरे की नाइट विजिबिलिटी का भी ध्यान रखना चाहिए। ताकि कोई भी हादसा या वारदात होने पर पुलिस को संदिग्ध और आरोपियों के चेहरे पहचान में सके। मोबाइल को सिस्टम से कनेक्ट करने के बाद घर में कोई भी हरकत की जानकारी होने पर फोन पर देखा जा सकता है।” नितिनडांगी, सीसीटीवी अौर डिवाइस एक्सपर्ट।
ब्यावर. बाजार में उपलब्ध डिवाइस।