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मगरा में बीमारी बांट रहा फ्लोराइडयुक्त पानी

7 वर्ष पहले
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जवाजा.नरबदखेड़ा गांव में हैंडपंप पर से फ्लोराइड संयंत्र ही गायब।

भास्कर न्यूज| जवाजा.

गांवोंमें शुद्ध पेयजल के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही है। साथ ही इन पर लाखों की राशि भी खर्च हो रही है, लेकिन जनप्रतिनिधियों अधिकारियों की अनदेखी से लोगों को इनका लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके साथ ही क्षेत्र मे कई नई योजनाएं भी चलाई गई है, लेकिन वे भी अधूरी रहने से लोगों को खारा पानी पीना पड़ रहा हैं। ऐसे में लोगों के शरीर पर दुष्परिणाम देखने को मिल रहे है। खारे पानी से हड्डियों से संबंधित रोग ज्यादा हो रहे हैं। लोगों के दांत समय से पहले गिर रहे हैं और कमर झुकने लगी है। इसी तरह पेट से संबंधित बीमारियां भी आम हो रही हैं।

यहांहै समस्या

क्षेत्रमें कई गांवों में फ्लोराइडयुक्त पानी की समस्या सबसे ज्यादा है। इन गांवों में पीने का पानी का यह हाल है कि लोग बड़ी मुश्किल से पी पाते है। क्षेत्र के कालिंजर गांव मे फ्लोराइड की समस्या सबसे ज्यादा है। यहां के पानी में फ्लोराइड की मात्रा काफी अधिक है, जिसको पीने से लोग बीमार हो रहे है। इसी तरह नरबदखेड़ा, गोहाना, राजियावास, दुर्गावास, किशनपुरा, कोटड़ा, काबरा, देवाता, जवाजा, नाईंकला, सुरजपुरा, लोटियाना आदि गांवों में भी फ्लोराइड की मात्रा अधिक होने से पानी का स्वाद कड़वा हो गया है। गांवों में पीने के पानी का साधन हैंडपंप कुएं होने से लोगों को मजबूरी में खारा पानी पीना पड़ रहा है।

अधिकारियों की लापरवाही से मगरा क्षेत्र मे लाखों की राशि बेकार जा रही है। कालिंजर मे फ्लोराइड की समस्या से राहत दिलवाने के लिए कई हैंडपंपों पर पानी साफ करने के सयंत्र लगाए थे, लेकिन सार संभाल के अभाव में ये सभी संयत्र कई दिनों से खराब है। इन संयंत्रों को सही करवाने के लिए कई बार विभाग को भी अवगत करा दिया गया है, लेकिन कार्रवाई नहीं हो पा रही है। जबकि कई स्थानों पर तो सयंत्र ही गायब हो गए।

इनकाकहना है-

^जवाजाके 199 गांवों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने को लेकर सरकार ने इस दिशा में कदम उठाते हुए 250 करोड़ों की बीसलपुर पेयजल योजना शुरू की है। क्षेत्र में इस योजना का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है जो 2016 तक पूरा हो जाएंगा। आने वाले दिनों में गांवों को इस समस्या से मुक्ति मिल जांएगी। जलदाय विभाग को फ्लोराइड मशीनें दुरूस्त करने और पूरी निगरानी से कार्य करने के आदेश