दो मिनट के लिए 2 साल से संघर्ष
रानीखेतएक्सप्रेस ट्रेन के ब्यावर स्टेशन पर रोकने की मुहिम का कारवां लगातार बढ़ रहा है। हर रोज कोई ना कोई संगठन इस मुहिम का हिस्सा बन रहे हैं। भास्कर ने इस दौरान कोशिश की आपके सामने वो सारे तथ्य रखने की जिससे ये पता चले कि वाकई रानीखेत ट्रेन को ब्यावर स्टेशन पर नहीं रोकने के पीछे कोई पुख्ता कारण नहीं है रेल मंत्रालय के पास
हमने जो भी आंकड़े जनप्रतिनिधियों जनता के सामने रखें हैं उसमें स्पष्ट है कि जहां पर भी ये ट्रेन रुक रही है या तो वो बड़ा स्टेशन है या फिर हनक के दम पर ब्यावर से छोटे 32 स्टेशनों पर रोकी जा रही है। कही-कहीं तो इस ट्रेन के ठहराव का समय इतना अधिक है जिसका जवाब शायद रेल मंत्रालय के पास भी नहीं है। मसलन काठगोदाम से चलने के बाद मुरादाबाद बाद पहुंचने तक महज 117 किमी की दूरी में इस ट्रेन को सात स्थानों पर रोका जाता है। जिसमें मुरादाबाद में 37 मिनट तक यह ट्रेन खड़ी रहती है। जबकि गाजियाबाद से देहली केंट तक महज 34 किमी दूरी के दौरान यह ट्रेन चार स्थानों पर रुकती है। जिसमें यह ट्रेन इन स्टेशनों पर 51 मिनट तक खड़ी रहती है। फिर ब्यावर के साथ ऐसी नाइंसाफी क्योंω। दो मिनट के ठहराव के लिए दो साल से शहरवासियों का संघर्ष रेल मंत्रालय की जिद को दर्शा रहा है या फिर हमारे हक मांगने के अंदाज में कहीं कोई खामी है।