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आधा सत्र गुजरा, बेटियों काे साइकिल का इंतजार
राज्यके सरकारी स्कूलों में कक्षा नौवीं में अध्ययनरत छात्राओं को साइकिलों का इंतजार है। आधा सत्र गुजर चुका है। स्कूल से दूर रहने वाली छात्राओं को पैदल या अपने साधन से पढ़ने के लिए आना पड़ रहा है। सरकार ने अब आधा सत्र गुजरने के बाद शिक्षा विभाग के जरिए स्कूलों से सूची मांगी है।
प्रदेश में भाजपा सरकार ने ही अपने पिछले कार्यकाल में छात्राओं को निशुल्क साइकिल देने की योजना शुरू की थी। जो कांग्रेस सरकार के समय भी चलती रही। वर्तमान भाजपा सरकार का एक साल पूरा हो गया, लेकिन राज्य की लाखों छात्राओं को साइकिल देने के बारे कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। जुलाई-अगस्त में साइकिल वितरण योजना के तहत शिक्षा विभाग ने कक्षा नौवीं में प्रवेश लेने वाली सभी बालिकाओं की सूची बनाई तथा निदेशालय भेज दी थी। हाल में निदेशालय ने फिर से सभी जिले के डीईओ से नौवीं में अध्ययनरत छात्राओं की स्कूल वाइज सूचियां मांगी हैं। जिले की कक्षा नौ में इस साल प्रवेशित 6938 बालिकाओं की सूची हाल में निदेशालय को भेजी है। स्थिति यह है कि आधा सत्र गुजर चुका है और सरकार एवं शिक्षा विभाग अभी सूचियों के एकत्रीकरण में ही लगा हुआ है। यदि यही हालत रही तो, इन बालिकाओं को चालू सत्र में साइकिलें मिलना संभव नहीं होगा। किस कारण से इस कार्य में देरी हुई, शिक्षा विभाग के अधिकारियों के पास इसका कोई जवाब नहीं है।
लापरवाही
कहां-कितनी छात्राएं
जिलेमें साइकिल योजना के तहत 6938 छात्राएं लाभांवित होगी। इसमें सबसे अधिक चित्तौडग़ढ़ ब्लाक की बालिकाओं है। चित्तौडग़ढ़ में 1389 बालिकाओं का चयन हुआ है। इसी प्रकार बड़ीसादड़ी ब्लाक की 571, बेगूं की 766, रावतभाटा की 529, भूपालसागर की 313, गंगरार की 496, राशमी की 405, निम्बाहेड़ा की 1009, डूंगला की 460, भदेसर की 588 एवं कपासन की 412 छात्राओं का चयन किया गया है।
ऐसेशुरू हुई योजना
वर्ष07-08 से साइकिल वितरण योजना शुरू हुई। शुरुआत में अलग-अलग कंडीशन में ही सरकारी स्कूल में नौवीं में प्रवेश लेने वाले छात्राओं साइकिल वितरण करना शुरू किया। सत्र 13-14 में साइकिल खरीदने के लिए प्रति छात्रा 2500 हजार का चेक देना शुरू किया। यह योजना सरकारी स्कूलों में बालिकाओं का नामांकन बढ़ाने एवं बालिकाओं को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़े रखने के उद्देश्य से शुरू की गई थी।
^इस बार चेक की जगह छात्राओं को साइकि