अफीम रखने पर किसान को 10 साल की कैद
{प्रकरण में 16 गवाह और 30 दस्तावेज किए गए पेश
{दर्ज वजन से छह किलो 200 ग्राम अफीम का दूध मिला था अधिक
भास्करन्यूज | चित्तौड़गढ़
एनडीपीएसप्रकरण कोर्ट संख्या-एक के विशिष्ट न्यायाधीश विक्रांत गुप्ता ने एक अफीम किसान को अवैध रूप से छह किलो 200 ग्राम अफीम रखने के मामले में 10 साल के कठोर कारावास एक लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।
प्रकरण के अनुसार 24 मार्च 2011 को बेगूं थाने के तत्कालीन सीआई विक्रमसिंह को मुखबिर से सूचना मिली कि कनकपुरा गांव के अफीम किसान रामलाल पुत्र हीरालाल हजूरी के नाम पर वर्ष 2010-11 में 41 अारी का पट्टा है। लंबरदार को दर्ज कराए गए निर्धारित अफीम के दूध के अलावा भी उसके पास घर में अफीम का दूध अतिरिक्त पड़ा है। इस पर पुलिस ने कनकपुरा में रामलाल हजूरी के घर की तलाशी ली। इस दौरान वहां 34 किलो 850 ग्राम अफीम का दूध मिला, जबकि लंबरदार मांगीलाल को 28 किलो 650 ग्राम अफीम का दूध ही रजिस्टर में दर्ज कराया था। इस तरह से छह किलाे 200 ग्राम अफीम का दूध घर में ज्यादा रखा हुआ था। पुलिस ने 24 मई 2011 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/19 के तहत चालान पेश किया था। आरोपी गिरफ्तारी के बाद से न्यायिक अभिरक्षा में चल रहा था। न्यायाधीश गुप्ता ने 10 साल के कठोर कारावास, एक लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माने की अदम अदायगी एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। प्रकरण में 16 गवाह और 30 दस्तावेज पेश किए गए। अभियोजन पक्ष की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक गंगाराम माली ने पैरवी की।