पारसोली। क्षेत्र की राजगढ़ पंचायत के डेकड़ीखेड़ा गांव में रविवार सुबह एक महिला अपने बच्चे को लेकर कुएं में कूद गई। महिला की डूबने से मौत हो गई, लेकिन बच्चा पाइप को पकड़ने के कारण बच गया। ईश्वर की कृपा से बच्चे ने दो घंटे से ज्यादा समय तक पाइप को पकड़े रहने के बावजूद हिम्मत नहीं हारी।
डेकड़ीखेड़ा निवासी बालीबाई (35) प|ी शंभूलाल मीणा रविवार सुबह करीब नौ बजे अपने 10 वर्षीय बेटे शिवरतन मीणा को लेकर गांव के पास ही स्थित कुएं पर गई। वहां उसने पहले अपने बच्चे को कुएं में धकेल दिया और उसके बाद वह खुद भी कुएं में कूद गई। कुएं में पानी की मोटर लटकी हुई थी, जिसका पाइप पानी के अंदर तक था। कुएं में गिरने के बाद बच्चे ने पाइप को पकड़े रखा, जिससे उसकी जान बच गई महिला की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। नौ बजे यह घटना होने के बाद करीब दस बजे खेत मालिक परिवार की एक महिला मोटर चलाने के लिए कुएं पर गई तो कुएं के अंदर से आवाज रही थी। उसने झांककर देखा तो बच्चा पानी के अंदर पाइप को पकड़े हुए बाहर निकालने के लिए आवाज लगा रहा था।
महिला ने तुरंत ग्रामीणों को सूचना दी बच्चे को बाहर निकलवाया। बाहर निकलने के बाद बच्चे ने बताया कि उसकी मां पानी के अंदर है।
सूचना पर पारसोली पुलिस भी मौके पर पहुंची। ग्रामीणों ने महिला को निकालने के लिए कई प्रयास किए, लेकिन पानी गहरा होने से महिला का पता नहीं चल पाया। उसके बाद ग्रामीणों ने तीन मोटरें डालकर कुएं के पानी को तोड़ा, तब जाकर शव को बाहर निकाला जा सका। शव का बेगूं अस्पताल में पोस्टमार्टम हुआ।
पारसोली | डेकडी खेड़ा गांव में कुएं में कूदी महिला को निकालते हुए लोग।