तीन सदस्यीय कमेटी करेगी जांच
जिलेके एक प्राइवेट स्कूल से नौंवी दसवीं की अर्द्धवार्षिक परीक्षा के पेपर चोरी होने के मामले में रविवार को शिक्षा विभाग के अधिकारियों की आपात बैठक जंक्शन स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में हुई। इसमें प्राइवेट स्कूल की भूमिका और परीक्षा को सुचारू रूप से करवाने पर विचार हुआ। स्कूल के खिलाफ जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का भी गठन किया गया है।
गुरुवार रात को भादरा के झांसल स्थित ज्ञान ज्योति माध्यमिक विद्यालय से नौंवी दसवीं कक्षा के कई पेपर चोरी हो गए थे। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने स्कूल का निरीक्षण किया था और तीन पेपर रद्द कर परीक्षा का संशोधित कार्यक्रम भी जारी किया गया था। अब जांच के लिए गठित कमेटी में छानीबड़ी स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य गोविंद राम, डाबड़ी स्कूल के प्रधानाचार्य जयवीर सिंह और भोजासर स्थित स्कूल के हेडमास्टर धर्मपाल को शामिल किया गया है।
रविवार को हुई बैठक में डीईओ (माध्यमिक) प्रकाशचंद जाटोलिया, एडीईओ राजेंद्र स्याग, शैक्षिक प्रकोष्ठ अधिकारी रणवीर शर्मा, परीक्षा संचालन समिति के सदस्य नोडल प्रिंसिपल शामिल हुए।
शिक्षा विभाग की प्रारंभिक जांच में स्कूल की गलती सामने आई है। डीईओ प्रकाशचंद्र जाटोलिया ने बताया कि पेपर रखने वाली अलमारी पर दो ताले नहीं लगाए गए थे। नियमानुसार पेपर रखने वाली अलमारी पर दो ताले लगाए जाते हैं। इनमें से एक की चाबी हेडमास्टर दूसरी चाबी परीक्षा नियंत्रक के पास रहती है लेकिन संबंधित स्कूल ने इस नियम का पालन नहीं किया।
बैठक के दौरान निर्णय लिया गया कि पेपर सरकारी स्कूल में ही रखे जाएंगे। सभी प्राइवेट स्कूल नजदीकी सरकारी स्कूल में पेपर रखेंगे और परीक्षा शुरू होने से आधा घंटा पहले इन्हें लेकर जाएंगे। हालांकि निजी शिक्षण संस्था संघ ने शनिवार को ही इस निर्णय के प्रति विरोध जता दिया था लेकिन विभाग ने अपना निर्णय नहीं बदला है। खास बात यह है कि प्रदेश के अधिकांश जिले में सरकारी स्कूलों में ही पेपर रखे जाते हैं लेकिन कुछ साल पहले हनुमानगढ़ जिले के प्राइवेट स्कूलों को पेपर रखने की अनुमति दे दी गई। अब कोई अधिकारी इस मुद्दे पर बोलने को तैयार नहीं है कि आखिर जिले के प्राइवेट स्कूलों को यह छूट क्यों दी गई।
हनुमानगढ़. भादरा में पेपर चोरी मामले को लेकर जंक्शन में अधिकािरयों की बैठक लेते डीईओ।