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हत्या के तीन दोषियों को आजीवन कारावास

7 वर्ष पहले
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भोजासर का बहुचर्चित हवासिंह यादव हत्याकांड

अपरजिलाएवं सेशन न्यायालय ने भोजासर के बहुचर्चित हवासिंह यादव हत्याकांड में बुधवार को हत्या के तीन दोषियों को आजीवन कारावास अर्थदंड से दंडित किया।

प्रकरण के अनुसार 9 मई 2009 को मोहनलाल यादव निवासी भोजासर ने मामला दर्ज करवाया था कि 10 फरवरी से उसका पुत्र हवासिंह घर से लापता है। 11 फरवरी को डूंगरगढ़ पुलिस को हवासिंह की लाश डूंगरगढ़ से 22 किलोमीटर दूर हाईवे पर मिली थी। इस संबंध में पहले गुमशुदगी और बाद में मर्ग दर्ज कराई गई थी। गुमशुदगी दर्ज होने के दो माह बाद गुमशुदा हवासिंह की बड़ी बहन सुशीला को यह सुगबुगाहट हुई कि उसके भाई हवासिंह की हत्या कर दी गई है। इस पर सुशीला ने भादरा पुलिस को सूचना दी कि रोमी उर्फ रविन्द्र जाट निवासी शेरपुरा उसके भाई हवासिंह के साथ भोजासर के पास बनी उसकी ढाणी में आया-जाया करता था। उसके बाद रोमी ने हवासिंह की छोटी बहन प्रमिला को प्रेम जाल में फंसा लिया। हवासिंह रोमी और प्रमिला का विरोध करता था। उसे संदेह है कि इस संबंध में हवासिंह की हत्या कर दी गई है। पुलिस ने मामले की तहकीकात की तो सामने आया कि रोमी हवासिंह को प्रेम संबंधों में बाधा मानता था और उसने हवासिंह को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। योजना के तहत रोमी उर्फ रविन्द्र, ओमप्रकाश निवासी शेरपुरा रतनसिंह निवासी रतनपुरा के साथ मिलकर बीकानेर से गाड़ी खरीदकर लाने के बहाने हवासिंह को गाड़ी में बैठाकर बीकानेर की ओर ले गए। रास्ते में डूंगरगढ़ के पास तीनों ने मिलकर हवासिंह की रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी और लाश हाईवे पर फेंक दी। पुलिस ने इस संबंध में भोडिया खेड़ा के राजकुमार हवासिंह की छोटी बहन प्रमिला के खिलाफ हवासिंह की हत्या में रविन्द्र उर्फ रोमी, ओमप्रकाश रतनसिंह का सहयोग करने के आरोप में चालान पेश किया। मामले में बुधवार को अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश श्यामसुन्दर लाटा ने फैसला सुनाते हुए आरोपी रविन्द्र उर्फ रोमी ओमप्रकाश को धारा 364 में 10 वर्ष तीन हजार रुपए के अर्थदंड, धारा 302 के अन्तर्गत आजीवन कारावास पांच हजार रुपए के अर्थदंड, धारा 201 के अन्तर्गत तीन वर्ष कारावास एक हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया तथा रतनसिंह को धारा 302/34 के अन्तर्गत आजीवन कारावास पांच हजार रुपए के अर्थदंड एवं धारा 201 के अन्तर्गत तीन वर्ष के कारावास एक हजार रुपए के