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शराब दुकानों की इस बार लॉटरी नहीं निकलेगी
हनुमानगढ़.राज्य सरकार की ओर से घोषित नई आबकारी नीति के तहत जिले में देशी अंग्रेजी शराब दुकानों की इस बार लॉटरी नहीं निकाली जाएगी। वर्ष 2015-16 के लिए शराब दुकानों का एक साल के लिए नवीनीकरण किया जाएगा। नई व्यवस्था में खास बात है कि पिछली बार आबकारी विभाग को लॉटरी प्रक्रिया के जरिए आवेदन शुल्क से 45 करोड़ रुपए की आय हुई थी जोकि इस बार नवीनीकरण के कारण करीब आठ करोड़ रुपए ही होने की उम्मीद है। पिछली बार जिले की 295 देशी शराब दुकानों के लिए 22 हजार अंग्रेजी शराब की 27 दुकानों के लिए करीब छह हजार आवेदन भरे गए थे। इस बार नवीनीकरण प्रक्रिया के कारण जितनी दुकानें हैं उतने पुराने ठेकेदार ही आवेदन करेंगे। इस तरह से राज्य सरकार के इस निर्णय से आवेदन से होने वाली आय भी हाथ से फिसली है वहीं नए आवेदकों के मायूसी हाथ लगी है।
येरहेगी नवीनीकरण प्रक्रिया
जिलेमें अंग्रेजी शराब की दुकानों का नवीनीकरण के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 28 फरवरी निर्धारित की गई है। वहीं देशी शराब की दुकानों का नवीनीकरण की अंंतिम तिथि 31 मार्च तय की गई है। अंग्रेजी शराब की दुकानों की लाइसेंस फीस में 18 फीसदी की बढ़ोतरी की है।
इसमें हनुमानगढ़ नगरपरिषद क्षेत्र की 13 दुकानों में फीस साढ़े दस लाख रुपए जिले की अन्य नगरपालिका क्षेत्रों की 14 दुकानों की फीस आठ लाख 75 हजार रुपए होगी। वहीं देशी शराब के मामले में एकाकी विशेषाधिकार राशि में 14 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है।
देशी शराब का नवीनीकरण शुल्क अब 10 फीसदी जमा कराना होगा। धरोहर राशि में कोई बदलाव नहीं किया गया है। देशी शराब की दुकानों में माह दिसंबर तक उठाई गई शराब पर 14 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ नवीनीकरण किया जाएगा। उदाहरण के तौर पर अगर किसी देशी शराब की दुकान एक लाख रुपए की है उसकी नौ माह की गारंटी 75 हजार रुपए बनती है। ऐसे में संबंधित दुकान पर शराब उठाव 86250 रुपए की कर ली है तो इसमें 14 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ नवीनीकरण किया जाएगा।
मैरिजपैलेस में शराब परोसना सस्ता: नईनीति के तहत सरकार ने मैरिज पैलेस, मैरिज हॉल अन्य व्यावसायिक स्थलों के लिए शराब परोसने के ऑकेजनल लाइसेंस की फीस 25 हजार रुपए से घटाकर 15 हजार रुपए कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक यह निर्णय इसलिए लिया गया है, क्योंकि 25 हजार रुपए फीस पर ज्यादातर संचालकों ने इस प्रकार का लाइसेंस लिया ही नहीं। इस कारण सरकार को फीस घटानी पड़ी है। जिले में 11 मैरिज गार्डन निजी आवास संचालकों ने लाइसेंस ले रखे हैं। ऑकेजनल लाइसेंस फीस घटने से इसमें बढ़ोतरी की उम्मीद है।
होटल-बारकी लाइसेंस फीस 50 हजार बढ़ी
होटलोंमें बार लाइसेंस की फीस में 50 हजार रुपए की बढ़ोतरी की गई है। जिले में अभी तक दो होटल संचालकों ने बार लाइसेंस ले रखे हैं। इसमें एक हनुमानगढ़ जंक्शन दूसरा भादरा कस्बे में है। नई नीति के तहत अब होटल में बार लाइसेंस लेने के लिए छह लाख की बजाए साढ़े छह लाख रुपए फीस चुकानी होगी। इसी तरह कई मौजूदा कैटेगरी में अलग-अलग दरें निर्धारित की गई हैं।
^नईआबकारी नीति को लेकर गाइडलाइन मिली हैं। वर्ष 2015-16 के लिए पुराने ठेकों का ही नवीनीकरण किया जाएगा। फतेहमोहम्मद खान, जिला आबकारी अधिकारी, हनुमानगढ़