डीजल सस्ता हुआ, रोडवेज का किराया वही
एकसाल में डीजल की कीमतों में दस रुपए 51 पैसे तक की कमी हुई है। मगर रोडवेज ने अभी तक किराए में कोई कटौती नहीं की है। जबकि नियमानुसार डीजल के दाम घटते ही रोडवेज को किराया कम करना चाहिए था। यही नहीं ट्रांसपोर्टरों ने भी मालभाड़ा कम नहीं किया है। इसका भी असर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है। यात्रियों का कहना है कि डीजल के दाम बढ़ने के बाद रोडवेज ने यात्री किराए में हनुमानगढ़ से जयपुर तक आठ से लेकर 15 रुपए की बढ़ोतरी की थी।
यात्री विपिन कुमार, देवकिशन चोटिया, सुभाष शर्मा, संदीप जांदू आदि का कहना है कि डीजल के रेट बढ़ने पर रोडवेज जल्द किराया बढ़ा देता है, लेकिन रेट कम होने के बाद किराया कम करने में आनाकानी की जा रही है। रोडवेज के अड्डा इंचार्ज शिवकुमार ने बताया कि रोडवेज ने 27 मई 2014 को एक्सप्रेस बसों का किराया 70 पैसे प्रति किलोमीटर और लोकल बसों का 63 पैसे प्रति किलोमीटर तक किराया बढ़ाया गया। इसके बाद जब डीजल के दाम बढ़े तो लोकल बसों में 67 पैसे प्रति किलोमीटर और एक्सप्रेस बसों में 75 पैसे प्रति किलोमीटर किराए में इजाफा किया गया।
यूंबढ़ा किराया
रूटपहले अब
सूरतगढ़49 53
श्रीगंगानगर 46 50
सूरतगढ़ 46 50
पीलीबंगा 22 25
रावतसर 34 36
नोहर 63 68
भादरा 103 120
सादुलशहर 25 30
राज्यसरकार का है मामला
^किरायाकम करने का मामला तो राज्य सरकार के स्तर का है। हालांकि डीजल के भाव तो कम हो चुके हैं। मगर हमारे पास अभी तक किराया कम करने के कोई आदेश नहीं आए हैं। जैसे ही किराया कम करने के आदेश आएंगे किराया कम कर देंगे। लीलाकृष्ण,मुख्य प्रबंधक, रोडवेज डिपो, हनुमानगढ़
^पेट्रोलऔर डीजल के भाव काफी कम हुए हैं। मगर रोडवेज बसों का किराया कम नहीं हुआ है। इसका भार आम जनता पर पड़ रहा है। सरकार को किराया कम करना चाहिए ताकि यात्रियों को राहत मिल सके। हरमेंद्रसिंह,यात्री, धोलीपाल
करेंगे आंदोलन
^डीजलके भाव कम होने के बावजूद भी रोडवेज बसों का किराया कम नहीं हुआ है। इससे यात्रियों की जेब कट रही है। अगर सरकार ने बसों का किराया कम नहीं किया तो आंदोलन करेंगे। रघुवीरवर्मा, प्रदेशाध्यक्ष, डीवाईएफआई