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नहरी सिंचाई पानी चोरी रोकने के लिए तीन निगरानी दल गठित

7 वर्ष पहले
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जर्जर हुई सार्दुल और करणी सिंह ब्रांच

स्थानीयउपखंड कार्यालय में मंगलवार को अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजपाल सिंह बगड़िया की अध्यक्षता में बैठक हुई। उपखंड प्रशासन की बैठक में सिद्धमुख नहर परियोजना क्षेत्र में पानी चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए नहरों की निगरानी रात-दिन करने के लिए तीन दलों का गठन किया गया है। इन दलों के नेतृत्व में 8 टीमें 30 आरएसी जवान भादरा, भिरानी, गोगामेड़ी पुलिस जाब्ता शामिल रहेगा। बैठक में उपखंड अधिकारी नरेंद्र सिंह कुलहरि, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कृष्ण चंद्र यादव, तहसीलदार जीतूसिंह मीणा, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सुरेश कुमार, जलदाय विभाग के सहायक अभियंता दलीप सिंह अन्य अभियंताओं ने भाग लिया। निगरानी का नेतृत्व में निर्देशन उपखंड अधिकारी नरेंद्र सिंह कुलहरि करेंगे। प्रथम निगरानी दल में रेगुलेशन अधिशासी अभियंता एसएन धवल कनिष्ठ अभियंता रामगोपाल गुप्ता होंगे। द्वितीय दल में तहसीलदार जीतूसिंह मीणा, अधिशासी अभियंता सुरेश कुमार खिची, कनिष्ठ अभियंता तिलोक सिंह, तीसरे दल में उपखंड अधिकारी नरेंद्र सिंह कुलहरि, जलदाय विभाग के सहायक अभियंता दलीप सिंह, सिंचाई के कनिष्ठ अभियंता को शामिल किया गया है।

भास्कर न्यूज| ढाबां.

लौहगढ़के जीरो हेड से निकलने वाली सार्दुल एवं करणी ब्रांच नहरों के हालत खराब है। दोनों नहरें मरम्मत और संसाधनों के अभाव में दम तोड़ रही है। सफाई नहीं होने से सरकंडे झाड़-झखाड़ उगे हुए हैं। आरडी 496 से लेकर जीरो हेड तक करीब चार किलोमीटर के क्षेत्र में उगी झाडिय़ों ने नहर को जंगल बना रखा है। उधर सार्दुल नहर के 36 हेड से लेकर संगरिया के 48 आरडी तक नहर कचरे से अटी पड़ी है। वहीं कई सालों से जीरो हेड 12 हेड तक लाइनिंग टूटी पड़ी है। मगर इस ओर सिंचाई विभाग ध्यान नहीं दे रहा। 12 हेड पर स्थित ढाणियों के किसान करणी सिंह, सतवीर सिंह, जस्सा बराड़, मुकंद सिंह, भोला सिंह तथा सरजीत ने बताया कि चार सालों से यहां 40 फुट तक दोनों तरफ की लाइनिंग धंसी हुई हैं। इस संबंध में सिंचाई विभाग के अधिकारियों को कई बार अवगत करवाया। मगर कोई हल नहीं हुआ। धंसी हुई लाइनिंग के एक तरफ जहां पचासों ढाणियां बसी हैं। वहीं दूसरी तरफ प्राइमरी स्कूल और रेलवे लाइन है। ऐसे में हमेशा नहर टूटने का अंदेशा बना रहता है। माइनरों के गेट भी पुराने हो चुके हैं। हेड पर बिजली की कोई माकूल