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भदेसर की कमान लालसिंह के हाथ

6 वर्ष पहले
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चित्तौड़गढ़। पंचायतसमिति प्रधान पद पर आखिरकार लालसिंह गरदाना ही निर्वाचित हुए,जो कि निर्दलीय जीतने के बाद एक दिन पहले भाजपा में शामिल हो गए थे। उन्होंने कांग्रेस के पूर्व प्रधान गोविंदसिंह शक्तावत को शिकस्त एक मत से हराया।

पंचायत समिति में कांग्रेस भाजपा को बराबर सात-सात सीटें मिलने से निर्दलीय लालसिंह ही निर्णायक बन गए थे। लालसिंह के विधायक चंद्रभानसिंह के नेतृत्व में भाजपा में शामिल होने के बाद भाजपा काे बहुमत मिल गया था। प्रधान चुनाव में मतदान के लिए पहले कांग्रेस सदस्य दोपहर ढाई बजे गोविंदसिंह शक्तावत के साथ पहुंचे। भाजपा के सदस्य दो अलग-अलग वाहनों में पुलिस जाब्ते के साथ पहुंचे। सवा तीन बजे बाद मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतगणना की। परिणाम घोषणा होते ही राठौड़ को पूर्व प्रधान गोविंदसिंह ने बधाई दी। इधर बाहर जमा भाजपा लालसिंह के समर्थक जश्न में डूब गए। चुनाव अधिकारी तहसीलदार रमेश बहेडिया ने लालसिंह राठौड़ को शपथ दिलाई।

चुनाव के दौरान भदेसर एसएचओ दलपतसिंह, भादसोड़ा एसएचओ प्रवीण टांक, शंभूपुरा के दलपतसिंह, एमबीसी प्रभारी रतनसिंह राजपुरोहित सहित जाब्ता तैनात रहा। डिप्टी गोपालदास रामावत ने सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाली। इससे पूर्व चित्तौडगढ नप उपसभापति भरत जागेटिया, असावरामाता सरपंच अशोक रायका, छात्रसंघ अध्यक्ष प्रकाश भट्ट के साथ लालसिंह नामांकन पत्र दाखिल करने पहुंचे। वहीं कांग्रेस के गोविंदसिंह शीतल डाड, उमेश आगाल, अशोक शर्मा के साथ पंस पहुंचे।

भदेसर. प्रधानचुनाव के दौरान मिलते हुए प्रतिद्वंदी लालसिंह शक्तावत।

मेरे लिए दोनों दल समान

प्रधाननिर्वाचित होने के बाद लालसिंह राठौड़ ने मीडियाकर्मियों के समक्ष कहा कि उन्हें एक माह पूर्व ही आभास हो गया था कि परिणाम सात-सात का ही रहेगा। मुझे मेरे इष्ट पर भरोसा था। भाजपा खेेमे में जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि परिणाम में स्थिति स्पष्ट होने पर मैंने मानस बना लिया था कि जो खेमा उनके पास पहले आएगा, वे उसमें जाएंगे। इसमें भाजपा ने बाजी मार ली। कांग्रेस ने बाद में संपर्क किया। उन्होंने कहा कि मेरे लिए दोनों दल समान है। उन्होंने कहा कि पहली प्राथमिकता गरदाना क्षेत्र में गोशाला और बाबा रामदेव का मंदिर निर्माण रहेगी।

नहीं मिल पाए समर्थकों से

उपप्रधानचुनाव को देखते हुए प्रधान बने लालसिंह अपने समर्थकों से मिल नहीं सके और मतदान स्थल से ही उन्हें भाजपा कार्यकर्ताओं की टीम वापस ले गई। उन्होंने कार से ही अपने समर्थकों का आभार जताया। मतदान स्थल से बाहर आते ही उनकी कार को समर्थकों ने घेर लिया, परंतु वे वाहन से नीचे उतर नहीं पाए।

हमें जोड़-तोड़ की राजनीित नहीं आती

पूर्वप्रधान गोविंदसिंह शक्तावत ने कहा कि जनता ने हमें आशीर्वाद दिया है। हमें भाजपा से अधिक मत मिले, परंतु आंकड़ों के बल में हम हार गए। फिर भी जनता के आभारी है। अपेक्षा है कि पूर्व में जो भेदभाव अन्य कार्य गलत हुए है, उनकी पुनरावृति नहीं हो। जोड़तोड़ की रणनीति हमें नहीं आती। इस कारण हम असफल रहे।