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पंचायतों में शुरू होगी वीसी सुविधा

6 वर्ष पहले
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भरतपुर। पंचायतीराज चुनाव जीतने वाले जनप्रतिनिधियों के साथ अब हार चुके प्रत्याशियों के भी घरों में शौचालयों की जांच होगी। इसके लिए पंचायतराज विभाग ने जांच के लिए एसडीएम बीडीओ को अधिकृत किया है।
इससे प्रत्याशियों के घरों में बने शौचालयों का सत्यापन होगा। इसके लिए एसडीएम बीडीओ को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह जांच एसडीएम बीडीओ स्वयं या फिर मनरेगा जेईएन, पंचायत सचिव पटवारी से भी करवा सकते हैं।

फरवरी माह में जिला परिषद, पंचायत समिति सदस्य, सरपंच तथा वार्ड पंच पदों के लिए चुनाव हो चुके हैं। इन सभी के परिणाम आने के बाद विभाग ने सभी विजयी सरपंच वार्ड पंचों के अतिरिक्त जिला परिषद पंचायत समिति सदस्यों के प्रत्याशियों के घरों में शौचालय होने तथा परिजनों के उपयोग की रिपोर्ट मांगी है।

डायरेक्टरने सूचना मांगी है

^स्वच्छताके डायरेक्टर ने सूचना मांगी है कि प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र भरते समय शपथ पत्र में जो सूचनाएं डाली गई थी, उन सूचनाओं के संबंध में रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। जो कि जल्द ही स्वच्छता के डायरेक्टर को भेज दी जाएगी। कोई निर्णय वहीं से किया जाना है। -रामदयालमीणा, सीईओ जिला परिषद

यह होगा फायदा

ग्रामपंचायत मुख्यालयों पर सूचना संकलन एवं प्रेषण की व्यवस्था अभी तक कमजोर थी। सूचनाओं के आदान प्रदान में वक्त लगता था। सरपंच एवं सचिव से बात करने के लिए अधिकारियों को मीटिंग बुलानी पड़ती थी। वीसी की सुविधा प्रारंभ होने से सीधे और तत्काल संपर्क किया जा सकेगा। फैसले जल्दी लिए जा सकेंगे। इससे विकास योजनाओं की प्रगति में तेजी आएगी।
हारे प्रत्याशियों के घरों में शौचालयों की होगी जांच

सरकार जिले की ग्राम पंचायतों को भी हाईटेक करने जा रही है। ग्राम पंचायतों को वीडियो कांफ्रेंसिंग सुविधा से जोड़ा जाएगा, जिससे सरपंच भी वीडियो कांफ्रेंसिंग से जुड़कर जिला स्तर के अधिकारियों से रूबरू हो सकेंगे। वीसी का कार्य मई तक पूरा करने का लक्षय रखा गया है। इसके लिए सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने कार्ययाेजना बनाई है।

आईटी विभाग ने हाल ही में पंचायत समिति मुख्यालयों पर वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा प्रारंभ की है। इससे प्रधान और विकास अधिकारी सीधे ही जिला प्रशासन के टच में गए थे। अब यह सुविधा जिले के सभी 374 ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर की जा रही है। इसके तहत राजीव गांधी सेवा केंद्रों पर लगे कंप्यूटरों को लिंक किया जाएगा। वी सैट का टेंडर हो गया है। इनमें वेब कैमरे लगाए जाएंगे। इससे सरपंच अथवा ग्राम पंचायत सचिव से राज्य, जिला अथवा पंचायत समिति मुख्यालय पर बैठे अधिकारी वीसी कर सकेंगे। कार्ययोजना को मूर्तरूप देने का काम भी शुरू कर दिया है।

^ग्रामपंचायत मुख्यालयों को वीसी से जोड़ने की योजना पर काम चल रहा है। वी सैट के टेंडर हो गए हैं। राजीव गांधी सेवा केंद्रों को वीसी सेंटर के रूप में डवलप किया जाएगा।

राकेशनौडियाल,

सहायकप्रोग्रामर, आईटी

दिया था शौचालय होने का शपथ पत्र

पंचायतीराजविभाग ने चुनाव लड़ने वाले सभी सरपंच, वार्ड पंच, जिला परिषद पंचायत समिति सदस्यों के उम्मीदवारों से नोमिनेशन फॉर्म भरते समय अपने घरों में शौचालय होने तथा परिवार के लोगों द्वारा इसका उपयोग करने की अनिवार्यता का नियम रखा था। इसके चलते सभी प्रत्याशियों ने शपथ पत्र चुनाव आयोग के रिटर्निंग अधिकारी (आरओ) को पेश किया था, लेकिन नोमिनेशन आवेदन करते समय तिगरिया, जिले की कुछ पंचायत समितियों की ग्राम पंचायतों में शौचालय नहीं होने की शिकायतें आई थी। उस समय कुछ लोगों ने आनन-फानन शौचालयों का निर्माण रातोरात कर औपचारिकता कर ली और वर्तमान में भी कई जीते हुए प्रत्याशियों के निर्माण जारी अधूरे पड़े हैं।

अभी तक अपडेट नहीं हो सकी बेवसाइट

चुनावपरिणाम आए चार दिन हो चुके हैं। लेकिन राज्य निर्वाचन आयोग की बेवसाइट पर अभी तक परिणाम संबंधी सूचनाएं अपडेट नहीं हो सकी है। भरतपुर में जिप सदस्य, पंचायत समिति सदस्य के परिणाम की सूचनाएं अधूरी डाली गई हैं।