पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • जानिए क्या हंै हमारे जन प्रतिनिधियों के अधिकार

जानिए क्या हंै हमारे जन प्रतिनिधियों के अधिकार

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
17 को जिला प्रशासन बताएगा अधिकार

भरतपुर | पंचायतचुनाव में पहली बार महिलाओं ने अपनी पूरी शक्ति का अहसास कराया है। जिला परिषद, पंचायत समिति सरपंचों के कुल 647 पदों में से 340 पदों पर महिलाओं का कब्जा है। पूरी गांव की सरकार यानी जिला प्रमुख, उपजिला प्रमुख और प्रधान के सभी पदों पर महिलाएं काबिज हुई हैं। ऐसा पहली बार हुआ है।

जिले में जिला परिषद सदस्य के 37, पंचायत समिति सदस्य 236 एवं सरपंच के 374 पद हैं। जिनमें से जिला परिषद के 19, पंचायत समिति के 124 तथा ग्राम पंचायत के 197 पदों पर महिलाएं जीती हैं। इसके अलावा प्रधान के 5 पद आरक्षित थे, किंतु सभी 10 पदों पर महिलाएं चुनी गईं। उपप्रधान में 4 महिलाएं चुनी गईं। खास बात ये है कि इस चुनाव में पढ़ी लिखी और नई उम्र की महिलाओं ने दावेदारी जताई और सफलता भी प्राप्त की। जिले में 197 महिलाएं सरपंच चुनी गई हैं, जिनमें करीब 40 स्नातक हैं। एडीएम प्रशासन ओपी जैन भी मानते हैं कि शिक्षित महिलाओं का राजनीति में आना अच्छा संकेत हैं।

इन नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों पर विकास की बड़ी जिम्मेदारी है। पंचायतीराज अधिनियम के तहत इन्हें ढेर सारे अधिकार और शक्तियां दी गई हैं। आइए जानें क्या हैं?

647 पदों में से 340 पर महिलाएं

पंचायत राज के जनप्रतिनिधियों के लिए 17 फरवरी को सुबह 11 बजे यूआईटी आडिटोरियम में कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इसमें पंचायत राज के नियम महिलाओं के अधिकारों के बारे में बताया जाएगा।

जिप सदस्य :बैठक भत्ता 500 रुपए प्रतिमाह, 80 पैसे प्रति किमी टीएडीए

अधिकार}जिले की समस्या उठा सकते हैं।

शक्तियां}जिलाप्रमुख उप जिला प्रमुख के खिलाफ एक तिहाई बहुमत से अविश्वास प्रस्ताव ला सकते हैं।

पंचायत समिति सदस्य :350 रुपए मासिक, 80 पैसे प्रति किमी टीएडीए।

अधिकार}पंचायत क्षेत्र की समस्या उठा सकते हैं। शक्तियां}प्रधानउपप्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकते हैं।

वार्ड पंच : बैठकभत्ता :200 रुपए मासिक

अधिकार}ग्रामसभा में समस्या आवश्यकता बताएगा। निलंबन वार्ड सभा से ही संभव। कलेक्टर दो तिहाई बहुमत से पुष्टि करेंगे।

शक्तियां}एकतिहाई बहुमत से सरपंच उपसरपंच का अविश्वास प्रस्ताव ला सकते हैं। सरपंच का निलंबन संभागीय आयुक्त से ही संभव।

पंचायत राज के अधिकारों से रूबरू कराती रिपोर्ट

प्रधान }मानदेय 6000 रुपए प्रतिमाह

बैठक}हरमहीने एक बैठक बुलाएंगे और अध्यक्षता करेंगे।

अधिकार}स्वैच्छिक संगठन विकसित कर सहयोग देंगे। सरपंचों, पंचायत समिति सदस्यों में समन्वय कराएंगे। सरपंचों की बैठक बुला सकेंगे।

काम}पेयजल,बिजली, सिंचाई, पशु, फसल और मानव रोग से निपटने बैठक लेंगे। पंचायत की दुकानें नीलाम या किराए दे सकेंगे। हड्डी आदि के ठेके देंगे और पशु मेले आयोजित करेंगे।

उपजिला प्रमुख }बैठकभत्ता 500 रुपए प्रतिमाह + 80 पैसे प्रति किमी टीएडीए

प्रमुख की अनुपस्थिति या पद रिक्त होने पर जिला परिषद बैठकों की अध्यक्षता करेंगे।

उपप्रधान }बैठकभत्ता}350रुपए प्रतिमाह + 80 पैसे प्रति किमी टीएडीए

प्रधान की अनुपस्थिति में बैठक की अध्यक्षता करेंगे। उनकी शक्तियों का उपयोग कर सकेंगे।

उप सरपंच

बैठकभत्ता }200 रुपए मासिक

शक्तियां}सरपंच की अनुपस्थिति में हर शक्तियों का पालन, कर्तव्यों का निर्वहन कराना। पद रिक्त होने या अनुपस्थिति में सभी शक्तियों का उपयोग करना।

सरपंच }मानदेय3500 रुपए प्रतिमाह

बैठक}सालमें दो ग्राम सभा और हर पंद्रह दिन में ग्राम पंचायत की बैठक करेंगे।

अधिकार}आबादीभूमि नीलाम कर सकेंगे। अतिक्रमण पर कार्रवाई और कुर्की वारंट जारी कर संपत्ति नीलाम कर वसूली कर सकेंगे।

काम}सफाई,रोशनी, जलापूर्ति की व्यवस्था। बीपीएल का चयन, विधवा, विकलांग अन्य पेंशन तथा मशीन, ट्रायसाइकिल दिलाना।

दायित्व}सामाजिक कुरीतियों को रोकना, बीस सूत्री कार्यक्रम की क्रियान्विति कराना। दुर्घटना, आगजनी सामाजिक बीमा का भुगतान करना।

जिला प्रमुख }मानदेय9 हजार रुपए प्रतिमाह + 1 हजार रुपए मकान किराया

बैठक}तीन माह में कम से कम एक बैठक।

अधिकार}सीईओऔर डीईओ के साथ प्रशासनिक नियंत्रण करेंगे। निर्देश दे सकेंगे।

काम}आपदा में किसी एक साल एक लाख तक तुरंत सहायता दे सकेंगे। सीईओ की सालाना रिपोर्ट निदेशक को भेजेंगे। चारागाह, बंजर भूमि और रिक्त भूमि का प्रबंध पंचायत को सौंपेंगे।

दायित्व}उच्च प्राथमिक स्कूलों की स्थापना, ग्रामीण सड़कें भवन बनवाएंगे। स्वास्थ्य परिवार कल्याण कार्यक्रम लागू करेंगे।