शौचालयों का निर्माण 31 मार्च तक जरूरी
पंचायतीराज विभाग के प्रमुख शासन सचिव राजेश यादव ने विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत जिले में स्वीकृत शौचालयों का निर्माण 31 मार्च तक पूर्ण करने के साथ ही सभी गांवों में मॉडल शौचालयों का निर्माण भी कराएं।
यादव गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में विकास अधिकारियों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों में निर्मित शौचालयों की जांच कर रिपोर्ट तत्काल ग्रामीण पंचायती राज की बेवसाइट पर अपलोड करें। उन्होंने कहा कि ब्लॉकवार पंच सरपंचों का प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित करने की कार्ययोजना बनाएं तथा प्रशिक्षण में सभी पंचायती राज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों को ग्रामीण एवं पंचायती राज विभाग द्वारा कराए जाने वाले विकास कार्यों जानकारी दें।
उन्होंने वर्ष 2012-13 में निर्मित इन्दिरा आवासों में बनाए गए शौचालयों की जांच करने के भी निर्देश देते हुए कहा कि निर्धारित मानकों के तहत निर्माण नहीं कराए गए शौचालयों के दोषी लाभार्थियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई अमल में लाएं। उन्होंने लम्बित ऑडिट आक्षेपों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को निर्देश दिए।
पूर्व सरपंचों के विरुद्ध विचाराधीन 966 मामलों की जांच कर दोषी पाए जाने वाले सरपंचों से राशि वसूल कर राज्य सरकार के खाते में जमा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि अब जिन विद्यालयों आंगनबाड़ी केन्द्रों में शौचालय बनाए जाएंगे, उन्हें संबंधित विभाग द्वारा ही बनाया जाएगा। उन्होंने सभी ग्राम सेवकों को रिकार्ड आवश्यक रूप से सही तरीके से संधारित करने के निर्देश दिए
बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी केसी मीणा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों से शौचालय निर्माण के लिए 1 लाख 26 हजार आवेदन पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 33 हजार स्वीकृतियां जारी की गई।
इसमें दिसम्बर माह तक 8900 शौचालयों का निर्माण किया गया तथा जिन विकास अधिकारियों द्वारा उपयोगिता प्रमाण पत्र दिए जा चुके हैं, उन्हें राशि जारी कर दी गई है।