सुजान गंगा के जीर्णोद्धार की मांग
भरतपुर | पूर्वसांसद रतन सिंह ने पर्यावरण एवं वन मंत्री प्रकाश जावडेकर को पत्र लिखकर शहर की सुजान गंगा नहर को राष्ट्रीय झील परियोजना के तहत स्वीकृत कर जीर्णोद्धार कराए जाने की मांग की है। रतन सिंह ने पत्र में कहा है कि सुजान गंगा नहर पुरातत्व विभाग से संबंधित नहीं अपितु प्राकृतिक महत्व की झील है। पुरातत्व विभाग द्वारा ऐतिहासिक इमारतों का संरक्षण किया जाता है। उदयपुर महल के चारों ओर स्थित पिछोला झील का सरंक्षण भी पर्यावरण विभाग द्वारा ही किया जाता है।
ठीक उसी तरह सुजान गंगा झील का संरक्षण संरक्षण पर्यावरण विभाग द्वारा किया जाना चाहिए। पूर्व सांसद ने पत्र के साथ आरयूआईडीपी द्वारा तैयार की गई 149 करोड़ की रिपोर्ट, विभिन्न मंत्रियों एवं राज्य सरकार द्वारा भेजे गए पत्रों की प्रति भी संलग्न की हैं।