भरतपुर. पंचायत चुनाव संपन्न होते ही शिकायतों को दौर प्रारंभ हो गया है। जिनमें फर्जी मार्कशीट, अधिक संतान, शौचालय नहीं होना, आचार संहिता का उल्लंघन एवं काउंटिंग में गड़बड़ी जैसी शिकायतें हैं। अब तक करीब 110 से अधिक शिकायतें चुकी है और शिकायतों के आने का क्रम जारी है। औसतन 5 से 7 शिकायतें रोज रही हैं। इस कारण शिकायतों का अंबार लग चुका है। प्रशासन द्वारा रिजल्ट की कापी एवं संबंधित कागजातों की फोटो कापी उपलब्ध कराई जा रही है।
उल्लेखनीय है कि पंचायत चुनाव के प्रथम चरण पूरा होने के साथ ही शिकायतों का सिलसिला प्रारंभ हो गया। अब पंचायत चुनाव पूरे हो चुके है इसलिए शिकायतें भी बढ़ चुकी हैं। सबसे अधिक शिकायतें मेवात इलाके से रही हैं। इसमें सबसे अधिक शिकायत फर्जी मार्कशीट की हैं। शेष| पेज 17
पंचायत चुनाव के बाद...
क्योंकिसरकार द्वारा पंचायत चुनाव में शिक्षा की अनिवार्यता किए जाने के बाद बहुत से लोगों ने आनन फानन में फर्जी मार्कशीट जुटाई। पराजित हो चुके प्रत्याशी ऐसे मामलों की जांच कराने की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में एडीएम प्रशासन ओपी जैन का कहना है रिटर्निंग आफिसर के निर्णय की जांच नहीं कराई जा सकती। पंचायत राज अधिनियम के अनुसार केवल जिला न्यायालय में ही चुनाव याचिका दायर की जा सकती है। इसलिए जो एप्लीकेशन रही हैं उन्हें आवश्यक दस्तावेज एवं रिजल्ट शीट की फोटो कापी उपलब्ध करा रहे हैं। अब तक 100 से अधिक शिकायतें चुकी हैं।
क्या है प्रावधान
पंचायतराजचुनाव की धारा 43 के तहत रिटर्निंग आफिसर के आदेश को चुनौती केवल जिला न्यायालय में दी जा सकती है और वह भी परिणाम जारी होने के 30 दिन के भीतर। इसलिए चुनाव परिणाम के तुरंत बाद शिकायतों का सिलसिला प्रारंभ हो गया है।
बसपाने लगाए आरोप
बहुजनसमाज पार्टी की बैठक जिलाध्यक्ष राजेंद्रसिंह सोना की अध्यक्षता में हुई, जिसमें पंचायतराज चुनाव में प्रशासन पर मनमर्जी कर अन्य दलों के प्रत्याशियों को जिताने का आरोप लगाया गया है। इससे बसपा को भारी नुकसान हुआ है। इस संबंध में राज्यपाल को ज्ञापन देने का निर्णय लिया गया। बैठक में अतर सिंह, वीरपालसिंह, प्रतापसिंह, निर्मला मौर्य, मोती सिंह जाटव, लाखनसिंह, दिनेश सोगरवाल, सुरेश चंद आदि मौजूद थे।