भरतपुर. परीक्षा की तैयारी में जुटे परीक्षार्थी दिन-रात पढ़ाई में लगे हैं। उन्होंने खाना, पीना, खेलना एवं मनोरंजन छोड़ पूरा समय पढ़ाई में झोंक दिया है। यहां तक कि रात के समय सोना भी कम कर दिया है, जो खतरनाक है।
विद्यार्थी पढ़ाई को बोझ की तरह नहीं बल्कि एक खेल तरह उत्साहपूर्वक लें। डॉक्टरों के मुताबिक यदि परीक्षार्थी अपने खान-पान, दिनचर्या और नींद को व्यवस्थित रखेगा तो उसे याद तो जल्दी होगा ही, डॉक्टर्स मानते हैं कि बच्चों को कम से कम सात घंटे नींद अवश्य लेनी चाहिए। इसलिए परीक्षार्थी रात में 10 बजे तक सो जाएं और सुबह 4-5 बजे उठ जाएं। मनो चिकित्सक पीएमओ डॉ. देवीसिंह ने बताया कि परीक्षा के नजदीक आते ही बच्चों में चिंता की प्रवृत्ति बढऩे लगती है। लेकिन अभी इतना समय बाकी है कि नियमित पढ़ाई से वह सफलता प्राप्त कर सकता है।
यह नहीं करें
{रातभर पढ़ाई करना खतरनाक है।
{मिर्च मसाले वाला भोजन नहीं करें।
{तनाव नहीं लें और हंसमुख बनें।
{खानपान में लापरवाही नहीं करें।
{बंद कमरे में नहीं पढ़ें।
{खुद को किसी से कम नहीं आंकें।
अभिभावकों की परेशानी बना
क्रिकेट वर्ल्ड कप
14फरवरी से आस्ट्रेलिया में होने वाले क्रिकेट वर्ल्ड कप को लेकर विद्यार्थियों के अभिभावक खासे परेशान हैं। विद्यार्थी मैच को मिस नहीं करना चाहते और अभिभावकों को बच्चों की परीक्षाओं की तैयारी का भय है। इस बारे में शिक्षा विभाग के अधिकारी मनो चिकित्सक बताते हैं कि रोमांच के साथ भी पढ़ाई की जा सकती है। लेकिन एक निश्चित समय सीमा तक। अभिभावकों को चाहिए कि अधिक समय तक बच्चों को मैच नहीं देखने दें। पढाई पर ध्यान दिलाएं।
कौन सी परीक्षा कब
माध्यमिकशिक्षा बोर्ड अजमेर की ओर से 10 वीं की परीक्षा 19 मार्च, 12 वीं की 12 मार्च और आठवीं की परीक्षाएं 19 मार्च से शुरू होंगी। जिला समान परीक्षा के तहत अन्य सभी कक्षाओं की परीक्षाएं अप्रैल में होंगी।
>नियमित पढाई करनी चाहिए।
>रात में पूरी नींद लेनी चाहिए।
>अच्छी सेहतमंद डाइट लेनी चाहिए।
>पर्याप्त रोशनी में पढाई करें।
>सोने से पहले हाथ-मुहं धोएं।
>सुबह नंगे पांव घास पर चलें।