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55 साल में 16 बार जिला प्रमुखों के जिम्मे रही जिप की बागडोर

6 वर्ष पहले
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भरतपुर। भरतपुर जिला परिषद् राजनीति के किसी बड़े अखाड़े से कम नहीं है। जिला प्रमुख का पद जिले के बड़े नेताओं पार्टियों के लिए नाक का सवाल रहा है। 55 साल के इतिहास में सात फरवरी को तीसरी महिला को जिला प्रमुख चुना गया।

जिला परिषद के जिला प्रमुख पद पर 20 साल बाद सामान्य वर्ग की महिला चुनी गई। सामान्य महिला के लिए 1995 में आरक्षण हुआ था। उस समय अनीता सिंह जिला प्रमुख चुनी गई। वर्ष 2010 में ओबीसी महिला, 2005 में सामान्य एवं 2000 में एससी के लिए आरक्षण हुआ था। जिला परिषद की बागडोर 28 में से 12 बार प्रशासकों के हाथों में रही। जनप्रतिनिधि 16 बार ही चुने गए। अब तक जिला परिषद में 28 जिला प्रमुख बैठे, इनमें से 16 जनप्रतिनिधि चुनकर आए तो 12 जिला कलेक्टरों के हाथ पंचायतीराज की कमान रही। ऐसा सरकार की ओर से विपरीत बोर्ड को भंग करने के कारण होता रहा है। इसी के चलते यहां जनप्रतिनिधियों के अलावा प्रशासकों को भी सत्ता संभलवाई गई। 1959 से अब तक कलेक्टरों का कार्यकाल करीब 12 साल तक रहा। उसके बाद 1994 में पंचायतीराज के नियमों में बदलाव किया गया। इसमें यह निर्णय हुआ कि किसी भी हालात में जिला परिषद और पंचायत समितियों में छह माह से अधिक जनप्रतिनिधि की सीट खाली नहीं रहनी चाहिए। वहां दुबारा चुनाव की आवश्यकता हो तो चुनाव दुबारा कराया जाना चाहिए। इसी को ध्यान में रखते हुए उसके बाद से लगातार जिला प्रमुखों ने अपने पांच साल के कार्यकाल को पूरा किया है।

जिप सदस्य से बने विधायक

जिलाप्रमुख पद पर रहे कई नेताओं ने राजनीति के बड़े पदों पर सफलता प्राप्त की है। 1982 में प्रमुख रहे गिर्राजप्रसाद तिवारी ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष पद तक सफर किया। 1988 में प्रमुख बने विश्वेंद्र सिंह, 1989 में प्रमुख बने बृजेंद्रसिंह सूपा 1995 में प्रमुख बनी अनिता सिंह ने विधायक पद तक का सफर तय किया है।

निर्विरोध जिला प्रमुख बनी थीं कांग्रेस की लीलावती

वर्ष2010 में जिला प्रमुख के पद पर लीलावती को निर्विरोध निर्वाचित किया गया था। वे नदबई के वार्ड संख्या सात से कांग्रेस की टिकट पर जिला परिषद सदस्य बनकर आई थी। ऐसा पहली बार हुआ था कि किसी को निर्विरोध जिप प्रमुख बनाया गया हो।

ये कलेक्टर रहे चुके प्रशासक

जिलापरिषद में नौ अगस्त 1977 को कलेक्टर ईश्वरचंद्र श्रीवास्तव, 20 सितंबर 1978 को प्रकाशचंद जैन, 21 जुलाई 1979 को गजेंद्र हल्दिया, 20 अक्टूबर 1980 को बीएल महेरड़ा, 27 अगस्त 1981 को आरडी गुप्ता, 26 मई 1984 को प्रशासक के रूप में गिर्राजप्रसाद तिवारी, 13 फरवरी को 1985 को हरीसिंह, नौ जुलाई 1991 को फिर से कलेक्टर अतुल कुमार गुप्ता, 14 मई 1992 को अतुल कुमार गुप्ता, 14 मई 1992 को तपेश पंवार, 18 जून 1992 को एसएन थानवी, 30 दिसंबर 1992 को सुबोध अग्रवाल, 18 जनवरी 1993 को उमेश कुमार, 13 अक्टूबर 1993 को ओपी सैनी, दो मार्च 1994 को भरत मीणा ने प्रशासक तौर पर कमान संभाली।

भरतपुर. चुनाव के बाद जिला प्रमुख कार्यालय को तैयार करते कर्मचारी।

अभी तक जिला परिषद में ये रहे जिला प्रमुख

1959में विश्वप्रिय शास्त्री, 1965 में रामकिशन, 1982 में गिर्राजप्रसाद तिवारी, 1988 में विश्वेंद्रसिंह, 1989 में ब्रिजेंद्रसिंह सूपा, 1990 में गुरुचरन सिंह, 1995 में अनिता सिंह, 2000 में रामलाल सागर, 2005 में राजवीरसिंह फौजदार, 2007 में द्वारिका प्रसाद, 2007 में राजवीरसिंह फौजदार, 2009 में द्वारिका प्रसाद, 2009 में खेमकरन सिंह तौली 2010 में लीलावती भौंट जिला प्रमुख रहीं।