व्यापारियों को ब्याज में मिलेगी छूट
भरतपुर. वाणिज्यिककर विभाग ने एमनेस्टी स्कीम लागू की गई है। योजना का फायदा ऐसे व्यापारियों को मिलेगा, जो पुरानी मांग राशि में से टैक्स तो जमा कराना चाहते हैं लेकिन ब्याज एवं शास्ति जमा करवाने में असुविधा महसूस कर रहे हैं।
योजना के तहत 31 मार्च 2011 तक इससे पूर्व सृजित मांग राशि में टैक्स की राशि जमा होने की शर्त पर 75 प्रतिशत शास्ति तथा 80-85 प्रतिशत ब्याज माफ कर दिया जाएगा। यानी मात्र 25 प्रतिशत शास्ति 15 से 20 प्रतिशत ब्याज अदा करने पर शेष समस्त शास्ति और ब्याज माफ हो जाएगा। इसमें वर्ष 2008-09 तक के अधिकांश प्रकरण शामिल हो सकेंगे, जिनमें मांग 31 मार्च 2011 तक सृजित हो रही है। इसके साथ ही वर्ष 2013 तक विभाग के खिलाफ अपील में जाने वाले व्यापारियों को भी इस योजना का फायदा मिलेगा। 31 मार्च 2015 से पूर्व विभाग में प्रार्थना पत्र एस-1 पेश करने वाले व्यवसायी ही इस योजना का फायदा उठा सकेंगे।
वाणिज्यिक कर विभाग में करदाता डीलर्स के लिए अप्रैल से ऑनलाइन असेसमेंट की सुविधा शुरू होगी। इससे संभाग के हजारों डीलर्स के लिए आसानी होगी। उन्हें बार-बार कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इतना ही नहीं रिफंड भी ऑनलाइन सीधे डीलर्स के बैंक खाते में जमा होगा।