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निजी वाहनों का 5 साल में फिटनेस सर्टिफिकेट जरूरी
कॉमर्शियलवाहनों के बाद अब प्राइवेट वाहन संचालकों को भी फिटनेस सर्टिफिकेट लेना होगा। यह सर्टिफिकेट पांच साल के लिए होगा। सर्टिफिकेट होने के बाद ही सड़क पर प्राइवेट वाहन चल सकेंगे। केंद्र सरकार की ओर से रोड ट्रांसपोर्ट एंड सेफ्टी एक्ट 2014 के लिए तैयार किए गए ड्राफ्ट में यह अहम बात जोड़ी गई है। अभी तक निजी वाहनों को रजिस्ट्रेशन के समय ही फिटनेस होती है, जिसकी मियाद 15 साल की है।
ड्राफ्ट के मुताबिक नया एक्ट लागू होने के बाद लाइसेंस के लिए लोगों को ऑटोमेटिक कंप्यूटराइज्ड ड्राइविंग ट्रैक पर टेस्ट देना होगा। ड्राइविंग ट्रैक आउट सोर्सिंग के जरिए लगाए जाएंगे। ड्राफ्ट को लोकसभा के शीतकालीन सत्र में इसे पेश किया जाएगा। जहां पर केंद्रीय मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की जगह रोड ट्रांसपोर्ट एंड सेफ्टी एक्ट 2014 लाया जाएगा। एक्ट के पालन और ओवरलोड वाहनों पर रोक के लिए हथियार युक्त फोर्स रहेगी। ट्रैफिक नियम तोड़ने और ओवरलोड वाहनों की जांच के समय अगर कोई दुर्व्यवहार करता है तो उसकी गिरफ्तारी होगी।