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आबादी के हिसाब से लगेंगे अब भामाशाह नामांकन शिविर
भामाशाहशिविरों में हंगामे के कारण कलेक्टर गिरिराजसिंह कुशवाह ने जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए तीन से छह दिन तक के शिविर कार्यक्रम बनाने के आदेश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि शिविरों में अव्यवस्था के कारण विवाद के दर्जनभर से अधिक मामले सामने चुके हैं। नई व्यवस्था के तहत नामांकन की संभावित संख्या के अनुरूप टोकन दिवस वार समयानुसार परिवारों को जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रथम चरण में शिविर से 10 दिन पहले संबंधित पटवारी ग्राम सेवक घर-घर जाकर भामाशाह नामांकन प्रपत्र भरवाएंगे और आवेदक को जिस दिनांक जिस समय पर शिविर में आना है उन्हें बताएंगे। इसी प्रकार द्वितीय चरण में आवेदक के हेल्प डेस्क आने पर नामांकन प्रपत्र की प्रारंभिक जांच कर उसकी गलतियों को सुधारा जाएगा और आवेदक को टोकन जारी किया जाएगा। तृतीय चरण में प्रथम सत्यापक पटवारी अथवा ग्रामसेवक द्वारा नामांकन मूल दस्तावेजों से भामाशाह नामांकन पत्रों की जांच कर अशुद्धियों को दूर कराया जाएगा और प्रपत्र का सत्यापन किया जाएगा। इसी प्रकार चतुर्थ चरण में ऑपरेटर द्वारा की जा रही फीडिंग पर नियुक्त सांख्यिकी सहायक या संगणक निगरानी रखेंगे और प्रत्येक दो ऑपरेटर पर एक सूचना सहायक नियुक्त रहेगा जबकि पंचम चरण में फीडिंग किए गए डाटा का प्रिंट लेकर संबंधित गिरदावर द्वारा मूल प्रपत्र से मिलान कर गलतियों को सुधारा जाएगा और इसे आवेदक को पढ़कर सुनाया भी जाएगा। इसी प्रकार अंतिम छठे चरण में अशुद्धियां दूर कर प्रिंट प्रभारी अधिकारी को प्रस्तुत किया जाएगा, इसकी जांच कर वे प्रिंटेड भामाशाह नामांकन प्रपत्र पर अपने हस्ताक्षर करेंगे।
समयके अनुसार बुलाएंगे परिवारों को
शिविरमें मशीनों की क्षमता के अनुसार काम किया जाएगा। जैसे कि सुबह नौ बजे 100 परिवारों, दोपहर एक बजे 100 परिवारों को बुलाया जाएगा। शिविर में दक्ष ऑपरेटर लगाने के अलावा छह पुलिस कर्मियों का जाप्ता लगाया जाए।