गोष्ठी का आयोजन
भरतपुर. साहित्यकसंस्था विमर्श द्वारा रविवार को कवि रघुनाथ सिंह डागुर की अध्यक्षता में गोष्ठी का आयोजन किया गया।
गोष्ठी के प्रथम दौर में केदार वर्मा ने मम्मी पापा, रेणु दीपक ने बिटिया, अर्चना बंसल ने बोझ, शैलेंद्र सक्सैना ने उसका आकाश, अतुल चतुर्वेदी ने मंदिर वाले बाबा, मनमोहन अभिलाषी ने बड़ी चाची, अशोक सक्सैना ने बकरा आदि लघु कथाओं का वाचन किया। गोष्ठी के दूसरा दौर केदार नाथ वर्मा के मुख्य आतिथ्य में शुरू हुआ। इस मौके पर कवि अशोक धाकरे ने अपनी रचना साफ सफाई हमको करनी, निर्मल देश बनाना है, रमेश गुर्जर ने शहर सुंदरी करण के 15 साल, राम प्रसाद विकल ने अपने घर को साफ करें, भगवान सिंह भ्रमर ने आओ सदियों के अंधेरे को मिटाएं लोगों, द्वारिका पाराशर ने इसरो तूने मान बढ़ाया, नेक राम नेक ने बिन थैली कैसे कटे, चंद्रभान फौजदार ने देख सड़क के हाल, पूरन शर्मा ने मैं तो तुम्हें जगाने आया, सुगढ़ सिंह सुग्गा ने ईमान चला गया, अर्चना बंसल ने किसान है भगवान, हरिओम ने कलयुगी रावण, सुरेश शर्मा ने बल्ब और ट्यूबलाइट आदि रचना सुनाई।