श्रीराम कथा में उमड़े श्रद्धालु
परोपकार सबसे बड़ा पुण्य कार्य
कलश यात्रा निकाली, भागवत शुरू
जनूथर. कस्बेकी बैंक कॉलोनी में आयोजित श्रीराम कथा में शुक्रवार को कथावाचक पंडित जगदीश पाराशर ने कहा कि सांसारिक सुख क्षण भंगुर है। विषय भोग थोड़े समय ही रमणीय प्रतीत होते हैं। वह व्यक्ति को नुकसान पहुंचाते हैं। जीवन में राम का नाम ही सार्थक है। उन्होंने कहा कि मनुष्य का श्रम बिना भक्ति के अधूरा है। जिस प्रकार हनुमानजी ने अपने स्वामी राम की भक्ति में समर्पित कर दिया। उसी तरह इस संसारी मनुष्यों को प्रभु की भक्ति में विलीन हो जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भगवान, मन, वचन, कर्म से समर्पित होने पर कृपा करते हैं। मनुष्य गृहस्थ आश्रम में रहकर भी प्रभु प्राप्ति, मोक्ष प्राप्त कर सकता है। दूसरों की सेवा करने से बड़ा पुण्य कार्य नहीं है। दूसरों को कष्ट पहुंचाने से बड़ा कोई पाप नहीं है। इस अवसर पर शिक्षाविद फूलचंद गुप्ता ने आरती कर प्रसादी का वितरण किया।
भरतपुर. बिहारीजी मंदिर में प्रवचन सुनते भक्तजन।