नर सेवा से हाेती है नारायण सेवा
भरतपुर. 72वर्षीय ओमप्रकाश गर्ग का फंडा एकदम क्लियर है। वे कहते हैं कि नर सेवा से ही नारायण की सेवा की जा सकती है। ऐसा भागवत सहित तमाम धर्मग्रंथों में उल्लेख है। इसलिए उनकी पूरी कोशिश रहती है कि बिना किसी प्रचार के जरूरतमंद की यथायोग्य सेवा की जाए। गर्ग राजकीय संवेदक रहे हैं, लेकिन वर्ष 2005 से कामकाज बेटों को संभाल दिया और अब समाज सेवा में जुटे हैं। गर्ग बांकेबिहारी विकास ट्रस्ट लायंस क्लब भरतपुर के अध्यक्ष हैं। इसके अलावा खिरनी घाट स्थित अग्रवाल भवन, अग्रसेन विद्यापीठ सहित कई संस्थाओं से जुडे़ हुए हैं। बिहारी मंदिर में बाल भोग सेवा प्रारंभ कराने और उसे सतत जारी रखने में उनका खास योगदान है। इसलिए दिन की शुरुआत बिहारी जी मंदिर में ठाकुरजी की बाल भोग सेवा की व्यवस्थाओं की देखरेख से ही होती है। वैसे गर्ग आधारभूत काम कराने में ज्यादा विश्वास रखते है ताकि उनका लाभ समाज लंबे समय तक उठा सके। इसलिए बिहारी मंदिर में सड़क, फर्श, अग्रोहा धाम में कमरा, अग्रसेन विद्यापीठ में फर्श, गोवर्धन के श्रीनाथजी मंदिर में हाल निर्माण में उनकी खास भूमिका रही है। इसके अलावा ओमप्रकाश गर्ग का बालिका शिक्षा का जोर रहता है। हर साल जरूरत मंद बालिकाओं की पाठ्य सामग्री और ड्रेस वितरित करते हैं। गर्ग कहते हैं कि हर व्यक्ति की जो भी उपलब्धि है वह समाज से है। इसलिए उसमें से कुछ कुछ जरूर लौटना चाहिए। यह कर्तव्य भी है और इसी में परमानंद है।
भरतपुर. एक समारोह में पूजा अर्चना करते ओमप्रकाश गर्ग। फाइल फोटो