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चोरी वाले क्षेत्रों में ज्यादा होगी बिजली कटौती
संभागमें जहां बिजली की चोरी होती है, वहां अब बिजली की आपूर्ति भी कम की जाएगी। निगम ने जैसी बिलिंग वैसी बिजली आपूर्ति करने का निर्णय लिया है। ऐसे इलाके जहां बिजली की 10 प्रतिशत से अधिक छीजत है उनको चिन्हित कर बिजली कटौती का शैड्यूल तैयार किया जाएगा। यह निर्देश डिस्कॉम के चेयरमैन आरजी गुप्ता ने शुक्रवार को संभाग के अधिकारियों की मीटिंग में दिए।
उन्होंने कहा कि बिजली चोरी छीजत के चलते कंपनी का घाटा लगातार बढ़ रहा है। छीजत का प्रमुख कारण बिजली चोरी है। उन्होंने अभियंताओं से कहा कि छीजत वाले फीडरों को चिन्हित करें। जिन फीडरों पर जितने अधिक प्रतिशत छीजत है, उन फीडरों पर उसी हिसाब से बिजली सप्लाई कम की जाए ताकि और अधिक घाटे से जूझना पड़े।
बैठक में चीफ इंजीनियर पीसी शर्मा, एसई भरतपुर जस राम मीणा, एसई कारोली रामअवतार कसाना, एसई धौलपुर डीके गुप्ता, एसई सवाई माधोपुर रामहेत मीणा, एक्सईएन वीके दुबे, एक्सईएन ओपी सिंह, एक्सईएन बीएल वर्मा, एक्सईएन विजिलेंस रामहेत मीणा, एक्सईएन संजय अग्रवाल, लेखाधिकारी दिनेश चंद गर्ग, एसके बंसल,आरएन कुमावत, युवराज सिंह सहित संभाग के करीब 50 से अधिक अभियंता मौजूद रहे।
कुछ नहीं कर सकते, देश निकाला दे देना चाहिए
चेयरमैनने अभियंताओं के तैयार होकर मीटिंग में नहीं आने पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि तुम कुछ नहीं कर सकते, तुम्हे तो देश निकाला दे देना चाहिए। नसीहत देते ही अभियंताओं ने पन्ने पलटने शुरू किए तो चेयरमैन गुप्ता ने कहा ऐसे पन्ने पलट रहे हो जैसे नई चीज पूछ ली हो। बैठक में बिजली चोरी पर अंकुश लगाने, बकाया बिलों की वसूली करने, बिजली सप्लाई सुचारू रखने, खराब मीटरों ट्रांसफार्मरों को तुरंत बदलने के निर्देश दिए।
अभियंताओं पर बरसे
चेयरमैनआरजी गुप्ता ने कहा कि अभियंताओं की उदासीनता का नतीजा यह है कि डिस्कॉंम का घाटा 70 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है 3000 करोड़ रुपये से अधिक बिल पेंडिंग पड़े हैं। अब बात बर्दाश्त से बाहर होने लगी है, इसलिए कोताही कतई सहन नहीं की जाएगी। चेयरमैन आरजी गुप्ता ने सवालों के सटीक जबाव नहीं दे पाने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सीनियर का मतलब यह नहीं है कि एसई या एक्सईएन की नेम प्लेट लग गई और तनख्वाह बढ़ गई।
भरतपुर. मोतीझील बिजली घर पर उपस्थित बिजली डिस्काम के चैयरमैन।