मस्ती या मौत को आमंत्रण
भरतपुर. सुजान गंगा शहर की शान है और आज पर्यटन दिवस है। सुजान गंगा का रूप निखरे तो पर्यटन को भी चार चांद लगे, लेकिन अभी पर्यटन और सुजान गंगा दोनों को ग्रहण लगा है। कई बार योजनाएं बनी और िबगड़ी। जो पैसा खर्च किया गया वो भी बेकार। अब यही सुजानगंगा कभी मौत तो कभी मौजमस्ती का कारण बनती रहती है। पर्यटन दिवस से एक दिन पहले भी खतरे से बेखकर बच्चे इसमें बेखौफ होकर नहाए। इसी दृश्य को कैमरे में कैद किया फोटो जर्नलिस्ट कैलाश नवरंग ने।