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कलश यात्रा निकली, कथा शुरू

7 वर्ष पहले
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भरतपुर. आदर्शकॉलोनी स्थित हनुमान मंदिर पर हो रही भागवत कथा में कथावाचक कृष्णानंद ने कहा कि भागवत कथा एक सच्चे शिष्य और एक सच्चे गुरु का मिलन है।

उन्होंने कहा कि जब एक साधक पूर्ण शिष्य बन जाता है। तो उसे संपूर्ण सदगुरु की प्राप्ति होती है। जहां शिष्यता मौजूद हो होती है। मुक्ति तो वहां अवश्य हो जाती है। परीक्षित की शिष्यता को देखकर सुखदेव महाराज ने आश्वासन दिया था कि राजन सात दिन तो बहुत लंबा समय है। याद करो राजा खटवांग को जिनको ढाई घड़ी में मुक्ति मिल गई थी। इसलिए मृत्यु का भय मन से निकाल दो। चिंता केवल एक ही बात की करो कि मेरा भाव पूर्ण है और जो मैं सुना रहा हूं उसका एक-एक शब्द ऐसे पी जाओ जैसे एक प्यासा पानी मिलने पर उसके शरीर का रोम-रोम पानी की एक बूंद-बूंद पीता है। उन्होंने भक्ति चरित्र, द्वंद्वकारी, सुखदेव जन्म प्रसंग का वर्णन कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इससे पूर्व कलश यात्रा निकाली गई। इसका वापस हनुमान मंदिर पहुंचकर समापन हुआ।