विजेता खिलाड़ियों को बांटे पुरस्कार
संस्कृत शिक्षा की चार दिवसीय क्रीड़ा प्रतियोगिताओं का शनिवार को विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार वितरण के साथ समापन हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संजय शर्मा रहे जबकि आचार्य संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य डोरीलाल शर्मा, कमल किशोर शर्मा, राजकुमार दीक्षित विशिष्ट अतिथि रहे।
मुख्य अतिथि संजय शर्मा ने कि खेल से ही मेल होता है तथा बच्चों में भ्रातृत्व की भावना जाग्रत होती है एवं शारीरिक और मानसिक विकास होता है। इस मौके पर डोरी लाल शर्मा ने कहा कि भारत की पहिचान उसके शौर्य और वीरता से है। खेलों से विद्यार्थियों में साहस और धैर्य बढ़ता है। अनिल भारद्वाज ने कहा कि भारतीय युवाओं और प्रतिभाओं का निर्माण खेल के मैदान में ही होता है। खेल प्रतिस्पर्धा से आगे बढ़ने की शक्ति आती है। प्रतियोगिता समापन के अवसर पर अतिथियों ने क्रीड़ा प्रतियोगिता एवं अन्य साहित्यिक गतिविधियों में विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार वितरित किए। खेल झंडा का अवतरण किया गया। इस अवसर पर मुकेश चंद सिंघल, महेंद्र कुमार शर्मा, रमेश चंद शर्मा, सुरेश चंद शर्मा, राधेश्याम शर्मा, विवेक शर्मा, नूतन शर्मा, दीपिका शर्मा, गुरू दत्त लवानिया, रणवीर सिंह, निर्भय सिंह, केसरी सिंह, वीरेंद्र सिंह, दीवान सिंह, पुष्पा मीणा, सरोज मीना, मोती लाल गुप्ता, यादवेंद्र गुप्ता आदि मौजूद रहे। संचालन दीवान सिंह और अनिल भारद्वाज ने किया।