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संगोष्ठी में जीवन में संस्कार अपनाने पर बल
भारतविकास परिषद् लोहागढ़ शाखा द्वारा संस्कृति सेवा सप्ताह के समापन पर \\\"\\\"भूलते संस्कार-टूटते परिवार’’ विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. कमलनयन ने भूतकाल से लेकर वर्तमान काल का इतिहास बताते हुए, इस अर्थयुग में कर्तव्यनिष्ठ, अनुशासनशील, ईमानदार मानव बनाने के लिए संस्कारों को जरूरी बताया। शाखा अध्यक्ष डाॅ. सुशील पाराशर ने भारत विकास परिषद के उद्वेश्य, सेवा, सहयोग, संस्कार, समर्पण के बारे में बताते हुए वर्तमान परिप्रेक्ष्य में संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डाला। सचिव सुरेश सहारा ने भारतीय संस्कृति को विश्व की सर्वश्रेष्ठ संस्कृति बनाने के लिए संस्कारों को आत्मसात् करने पर बल दिया। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष आलोक शर्मा ने बच्चों को अच्छे संस्कारों पर बल देते हुए माता पिता को अपनी जिम्मेदारी निभाने पर बल दिया। डाॅ. इन्दू शर्मा ने महापुरूषों का उदाहरण देते हुए बताया कि आज भी ऐसे महापुरूष पैदा हो सकते हैं। डाॅ. चन्द्र प्रकाश शर्मा डाॅ. गिरीश शर्मा ने भी शास्त्रों के उदाहरणों के माध्यम से संस्कारों के बारे में बताया। परिषद वरिष्ठ सदस्य राजेन्द्र प्रसाद शर्मा ने मातृ देवो भवः पितृ देवो भवः, को चरितार्थ करते हुए बुजुर्गो का सम्मान करने पर बल दिया समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने का आव्हान किया। कार्यक्रम का संचालन अनिल लोहिया ने किया। इस मौके पर सुरेश मेठी, संजय गुप्ता, डाॅ. एमएल गुप्ता, भगवान सिंह, डाॅ. राजकुमार आदि मौजूद थे।