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प्रदर्शनी लगाए बिना ही विज्ञान मेले का उद्घाटन

7 वर्ष पहले
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भरतपुर. जिलेके विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति जागरुकता लाने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से बुधवार को महाराजा बदन सिंह राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में लगा विज्ञान मेला पहले दिन ही फ्लॉप होकर रह गया। माध्यमिक उच्च माध्यमिक स्तर के 527 स्कूलों में से मात्र नौ टीमें मेले में शामिल होने पहुंची। लेकिन प्रदर्शनी नहीं लगाई गई। क्योंकि विभाग ने पहले दिन से प्रदर्शनी लगाने के लिए विद्यार्थियों को कुछ भी नहीं बताया था। इसलिए टीम में शामिल बच्चे मॉडल से संबंधित सामान लेकिन नहीं पहुंचे। यह मेला तीन दिन चलेगा।

माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से गणित विज्ञान संकाय के माध्यम से हर साल जनसंख्या एवं पर्यावरण विकास मेले का आयोजन किया जाता है। इसमें माध्यमिक उच्च माध्यमिक स्तर के सभी स्कूलों के इन्हीं विषयों से जुड़े बच्चे शामिल होते हैं। लेकिन इस बार विभाग की ओर से साइंस फेयर को लेकर कोई प्रचार प्रसार नहीं किया गया। सुबह 10 बजे मेले का उद्घाटन होना था। लेकिन कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा। दोपहर दो बजे डीईओ प्रथम बृजेंद्रसिंह कौंतेय और उपनिदेशक माध्यमिक शिक्षा सियाराम फौजदार पहुंचे तो भाषण देने मात्र से मेले का उद्घाटन कर दिया गया। इतना ही नहीं मेले में शामिल होने आए बच्चे भी काफी देर तक इधर उधर भटकते रहे। उनके लिए भी कोई व्यवस्था नहीं की गई। उल्लेखनीय है कि शिक्षा विभाग की ओर से साइंस मेले को लेकर कोई प्रचार प्रसार नहीं किया जाता है। केवल कागजों में ही साइंस मेले के प्रति बच्चों को जागरुक करने का दावा किया जाता है।

इसलिए लगाते हैं साइंस फेयर

साइंसमेले में माध्यमिक उच्च माध्यमिक विद्यालयों के बच्चे शामिल होते हैं और साइंस के प्रति बच्चों को प्रोत्साहित किया जाता है। साइंस फेयर में उत्कृष्ट मॉडल प्रतिभा का प्रदर्शन करने वाले बच्चों को राज्य स्तर पर चयनित कर आगे बढ़ाया जाता है। इसके लिए विभाग की ओर से नकद पुरस्कार भी दिया जाता है।

सभीस्कूलों में नहीं है साइंस

जबइस मामले में डीईओ प्रथम बृजेंद्रसिंह कौंतेय से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जिले के सभी स्कूलों में साइंस फैकल्टी की सुविधा नहीं है और विषय अध्यापकों का भी टोटा रहता है। इससे बच्चे तैयारी नहीं करवाते और साइंस मेले में नहीं पाते हैं। बच्चों को मेले के प्रति जागरुक करने के लिए और भी प्रयास किया जाएगा।

भरतपुर.