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वैर में 61.5 प्रतिशत मतदान

7 वर्ष पहले
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वैर उपचुनाव में मतदाताओं ने मतदान के प्रति उत्साह दिखाकर पिछले चुनाव का रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया। मतदाताओं ने करीब 61.5 प्रतिशत मतदान किया, जो गत चुनाव से करीब 6 प्रतिशत अधिक है। इसी के साथ ही 3 प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में बंद हो गया। मतदान के दौरान सब जगह शांति रही। गांव भगौरा, ऊनापुर और बांसी में कुछ देर के लिए मतदान प्रभावित रहा। यहां ग्रामीणों ने सड़क और बिजली की समस्या को लेकर मतदान बहिष्कार की घोषणा की, किंतु बाद में अधिकारियों की समझाइश के बाद ग्रामीण मान गए और मतदान हो सका।

शेषपेज 15 पर...

वैरमें...

वैरक्षेत्र में 2 लाख 17 हजार 106 मतदाताओं के लिए 237 मतदान केंद्र बनाए थे। जहां सुबह से ही मतदाता जुटने लगे। सुबह सात बजे से ही बूथों पर मतदाताओं का पहुंचना शुरू हो गया था। सुबह आठ बजे तक मतदान केंद्रों पर पुरुषों की लंबी कतारें लग चुकी थी। सबसे पहले वोट डालने वालों में कस्बों का कामकाजी वर्ग गांवों में किसान वर्ग शामिल था। इसके बावजूद मतदान का प्रतिशत कम रहा। इस कारण सुबह 10 बजे तक 14.55 प्रतिशत मतदान ही हुआ था, लेकिन सुबह 11 बजे के बाद घरेलू कामकाज से फ्री होने पर महिला मतदाताओं ने बूथों पर पहुंचना शुरू किया। मतदान को लेकर हर बूथ पर हर वर्ग में उत्साह देखने को मिला। सबसे ज्यादा उत्साह युवा वोटरों में था, जो पहली बार वोट करने पहुंचे थे। जिला कलेक्टर गिर्राज कुशवाहा, एसपी राहुल प्रकाश, एसडीएम पुष्पेंद्रसिंह सहित तमाम अधिकारियों ने दिनभर मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वैर क्षेत्र के 96 क्रिटिकल मतदान केंद्रों पर पैरा मिलिट्री फोर्स के जवान तैनात थे।

तीन गांवों के ग्रामीणों ने जताया विरोध

वैर।वैर विधानसभा के गांव भगोरा ,बांसी तथा उनापुर के ग्रामीणों ने समस्याओं को लेकर मतदान बहिष्कार किया, लेकिन अधिकारियों की समझाइश के बाद मतदान शुरू हो सका। भगोरा के ग्रामीणों का कहना है कि गांव की सड़क आज तक नहीं बनी है। इस संबंध में ग्रामीणों ने बताया कि हर अधिकारी, नेता और चुनाव के वक्त इस मुद्दे को उठाया जा चुका है, लेकिन आश्वासन के बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई। मौके पर पहुंचे एसडीएम पुष्पेंद्रसिंह, तहसीलदार भंवरलाल, एएसपी भवानीशंकर मीणा ने समझाइश की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण नहीं माने इस कारण मतदान दोपहर एक बजे तक नहीं हो सका। बाद में अध