फसलों के टिकाऊ उत्पादन की जरूरत
भरतपुर. तिलहनीफसलों का उत्पादन बढाने के साथ यह भी जरूरी है कि इनका टिकाऊ उत्पादन प्राप्त हो और पर्यावरण को भी क्षति नहीं पहुंचे। इसके लिए तिलहनी फसलों के कृषि प्रबंधन के लिए पर्यावरणीय अनुकूल तकनीकों का विकास करना एवं उन्हें अपनाने के लिए किसानों को प्रेरित करना, वर्तमान की आवश्यकता है। यह बात सरसों अनुसंधान निदेशालय के निदेशक डॉ. धीरज सिंह ने निदेशालय द्वारा “टिकाऊ रबी तिलहन उत्पादन के लिए पर्यावरण अनुकूल प्रबंधन तकनीकों के क्षेत्र में नए आयाम” विषय पर देश के चयनित कृषि अधिकारियों के लिए आयोजित आठ दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में कही। मुख्य अतिथि राष्ट्रीय बागवानी मिशन के संभागीय उप निदेशक योगेश शर्मा ने प्रशिक्षण में सीखे गए ज्ञान को अपने- अपने राज्यों के किसानों तक पहुंचाने की जरूरत बताई।