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भवानीमंडी में पिछले साल जितनी ही बुवाई, धनिए का रकबा बढ़ा
भवानीमंडीकृषि उप जिला क्षेत्र में इस साल रबी की करीब-करीब पिछले साल जितनी ही बुवाई हो गई है। इस उप जिला क्षेत्र में पिछले साल रूबि-2013 में करीब 1.66 लाख हैक्टेयर में बुवाई हुई थी और इस साल 1.60 लाख हैक्टेयर में बुवाई हुई है।
इसमें सबसे ज्यादा अंतर सरसों की बुवाई में आया है। उसकी बुवाई में कमी आई है। इसकी जगह धनिये ने ली है। इस साल धनिया 48,250 हैक्टेयर में बोया गया, जबकि पिछले साल 45,008 हैक्टेयर में ही बोया गया था। इसी तरह इस साल गेहूं 56,600 हैक्टेयर और पिछले साल 53 हजार हैक्टेयर में बोया था। इस साल सरसों 12,200 हैक्टेयर में बोई गई, पिछले साल 24,838 हैक्टेयर में बोई गई थी। इसी तरह बाकी अन्य में इस साल चना 24,100 हैक्टेयर में बोया गया, जबकि पिछले साल 18,626 हैक्टेयर में बोया गया था।
जड़गलन का असर भवानीमंडी क्षेत्र में भी
सरसोंकी फसल में लगे जड़ गलन रोग का असर भवानीमंडी क्षेत्र में भी सरसोें में कहीं-कहीं पर देखने को मिल रहा है। यह रोग हाल ही पकड़ में आया है। इसमें सरसों की जड़े सूख जाने के साथ ही पौधा भी सूख जाता है। लेकिन इससे बचाव के लिए अभी कोई दवाई विकसित नहीं हुई है।
सर्दीके असर से फसलों को राहत
तीन-चारदिन से मौसम में छाई सर्दी के असर से फसलोें को राहत मिलती दिख रही है। विशेष रूप से गेहूं की फसल को सहारा मिला है। उसमें बढ़त दर्ज की जा रही है।
^फसलके बीच में यहां पर भी कहीं-कहीं पर सरसों मेें जड़ गलन का असर देखा जा रहा है। इसका बीज के समय तो उपचार संभव था, लेकिन अब पौधा बनने के बाद इसके निदान की कोई दवाई नहीं है। -रामवीर सिंह, सहायकनिदेशक, कृषि विभाग, भवानीमंडी।
भवानीमंडी। बाइपास पर एक खेत में उगी गेहूं की फसल।
भास्कर न्यूज|भवानीमंडी
भवानीमंडीकृषि उप जिला क्षेत्र में इस साल रबी की करीब-करीब पिछले साल जितनी ही बुवाई हो गई है। इस उप जिला क्षेत्र में पिछले साल रूबि-2013 में करीब 1.66 लाख हैक्टेयर में बुवाई हुई थी और इस साल 1.60 लाख हैक्टेयर में बुवाई हुई है।
इसमें सबसे ज्यादा अंतर सरसों की बुवाई में आया है। उसकी बुवाई में कमी आई है। इसकी जगह धनिये ने ली है। इस साल धनिया 48,250 हैक्टेयर में बोया गया, जबकि पिछले साल 45,008 हैक्टेयर में ही बोया गया था। इसी तरह इस साल गेहूं 56,600 हैक्टेयर और पिछले साल 53 हजार हैक्टेयर में बोया था। इस साल सरसों