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केसीसी में चुकाना पड़ रहा 4 फीसदी ब्याज

7 वर्ष पहले
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नेशनल बैंकोें में भी आई मुआवजा राशि

फसलबीमा रबी फसल-2013 की मुआवजा राशि सहकारी बैंकों में तो पहले ही गई थी, अब हाल ही नेशनल बैंकों में भी इसकी राशि गई है। इसे सीधे किसानों के खातों में जमा किया जा रहा है। स्थानीय एसबीबीजे में रबि फसल-2013 की 740 किसानों की 4.21 लाख रपुए की फसल बीमा राशि आई है, जबकि इनकी 3.77 लाख रुपए की प्रीमियम काटी गई थी। यह राशि सहकारी बैंकों में करीब दो माह पहले ही गई थी। स्थानीय सहकारी बैंक में इसके सदस्यों की कुल 30.49 लाख रुपए की प्रीमियम काटी गई थी। इसके मुकाबले 83.86 लाख रुपए का बीमा राशि आई थी। यह किसानों के खातें में जमा कर दी गई।



^ 1 अप्रैल 2014 के बाद से जिसने भी फसल ऋण लिया है, उस पर 4 प्रतिशत ब्याज लिया जा रहा है। इसमें भी जो किसान इसके पहले का रिण उसके समय पर नहीं जमा करा सके उनसे तो पूरी ही अवधि का बैंक दर का 12 प्रतिशत ब्याज लिया जा रहा है। -नंद सिंह चैहान, प्रबंधक,जेकेएसबी, भवाीनमंडी।

^रबी 2013 की फसल बीमा राशि गई है, इसे किसानों के खाते जमा करना शुरू कर दिया है। -आरएस गर्ग, प्रबंधक,एसबीबीजे, भवानीमंडी।

समय पर नहीं चुकाने वालों से पूरा ब्याज

जिनकिसानों ने अपने पुराने फसल रिण को 1 अप्रैल, 2014 के पहले के रिण को उसकी तय अवधि में जमा करवा दिया, उन्हें तो अप्रैल तक जीरों प्रतिशत ही ब्याज लगा। लेकिन करीब 30 से 40 प्रतिशत किसान ऐसे भी हैं जो अपना रिण समय पर अदा नहीं कर सके, अब उन्हें पूरी ही अवधि का 12 प्रतिशत बैंक दर से ब्याज देना होगा।

रबीके लिए 11 करोड़ वितरण

जेकेएसबीसे जुड़े किसानों को रबी फसलों के लिए अभी तक करीब 11 करोड़ रुपए का ऋण दिया जा चुका है। बकाया किसानों का आदान अनुदान आया पिछले साल धनिया फसल में हुए नुकसान का कई किसानों को आदान अनुदान दिया गया था। सहकारी बैंक से जुड़े कई किसान इससे वंचित रह गए थे। उन किसानों का 16.37 लाख रुपए का आदान अनुदान मुआवजा गया है।

भास्कर न्यूज | भवानीमंडी

सहकारीबैंक से जुड़े किसानों की आशा परवान नहीं चढ़ सकी है। पहले किसानों को केसीसी फसल ऋण जीरो प्रतिशत ब्याज पर दिया जा रहा था। 1 अप्रैल 2014 से ही उस पर वापस 4 प्रतिशत ब्याज लागू कर दिया। किसानों को उम्मीद थी कि यह ब्याज माफ हो जाएगा। लेकिन ब्याज माफ नहीं हुआ। सबसे खराब स्थिति तो उन किसानांें की हुई, जो समय पर ऋण नहीं अदा कर